टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले की रौनक पर पहले दिन ही कोरोना वायरस का खौफ साफ नजर आया है। गत वर्षों तक जहां होली के अगले दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ता था, वहीं इस बार कोरोना के खौफ से श्रद्धालुओं की आवक बेहद कम रही है। हर किसी की जुबां पर श्रद्धालुओं की कम भीड़ को लेकर कोरोना वायरस की बात थी। इधर कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेश पर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से 18 डॉक्टरों की टीम पूर्णागिरि मेले के लिए भेज दी है।
पूर्णागिरि मेले का इतिहास रहा है कि होली के दिन रात से ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का भारी सैलाब मां पूर्णागिरि के दर्शन को उमड़ता है। लेकिन इस बार पहले दिन से मेले की फीकी रौनक ने सबको हैरत में डाल दिया है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि संभवतया कोरोना के खौफ के कारण ही इस बार मेले के पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही है। इधर सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का मानना है कि मेले में उमड़ने वाली भीड़ में कोरोना वायरस का खतरा भी बढ़ सकता है, लेकिन इसके लिए स्वास्थ्य विभाग जरूरी कदम उठा रहा है।
सीएमओ डॉ. खंडूरी ने बताया स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेश श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 18 डॉक्टरों की टीम पूर्णागिरि मेले के लिए भेज दी गई है। इसमें से तीन डॉक्टरों को नेपाल से लगी बनबसा सीमा और तीन डॉक्टरों को टनकपुर से लगी नेपाल सीमा पर स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्र में तैनात किया जाएगा। शेष 12 डॉक्टरों की टीम पूर्णागिरि मेले क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहेगी। बता दें कि अमर उजाला में सात मार्च को पूर्णागिरि मेले पर कोरोना वायरस का साया शीर्षक पर खबर प्रकाशित की गई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए विभाग ने अब 18 डॉक्टरों की टीम तैनात करने का निर्णय लिया है।