नेपाल सीमा से लगे डुंगरालेटी, सेलपेडू, सुनकुरी, जिंडी सिराड़, लुपड़ा, नरसों आदि गांवों में गौरा महोत्सव संपन्न हुआ। इस दौरान महिलाओं ने भावुक होकर गौरा-महेश्वर को विदाई दी गई।
जिंडी गांव में सुबह पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं-पुरुषों ने गौरा मंदिर के पास एकजुट होकर गौरा, धूमारी और चाली का बेहतर गायन किया।
निवर्तमान ग्राम प्रधान मदन कलौनी की अध्यक्षता और कल्याण चंद के संचालन में हुए समापन मौके पर दैना होया गौरा मैया फिर रितू खेलना ऊना, दैना होया चमू चौखाम फिर रितू खेलना ऊना और अपूती को पूत निर्धन को धन सबकी करे पूरी मनगना जै गौरा मैया आदि गीतों के साथ मां गौरा को विदाई दी गई।
इस मौके पर नरसिंह सामंत, विक्रम सामंत, उमेद सिंह सामंत, जोगा सिंह सामंत, दिवान सिंह सामंत आदि रहे। लुपड़ा गांव में मोहन सिंह, नाथ सिंह, कल्याण सिंह, प्रेम सिंह आदि लोगों ने गौरा गायन किया। गांव में लोगों में गौरा देवी महोत्सव को लेकर खासा उत्साह रहा।
कर्णकरायत में रामलीला के लिए तालीम शुरू
लोहाघाट (चंपावत)। कर्णकरायत में 17वें वर्ष की रामलीला को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। नवरात्रि की पंचमी से शुरू होने वाली रामलीला के आयोजन को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। सर्वसम्मति से कैलाश सिंह फर्त्याल को अध्यक्ष चुना गया।
उत्तम सिंह फर्त्याल को उपाध्यक्ष, कैलाश महरा को सचिव, राजू फर्त्याल को उप सचिव, महेश मुरारी को कोषाध्यक्ष, रोहन बिष्ट को मीडिया प्रभारी चुना गया। रामलीला के लिए कलाकारों की तालीम शुरू हो गई है। नव निर्वाचित अध्यक्ष कैलाश फर्त्याल ने कलाकारों से तालीम में पहुंचने की अपील की है।