लोहाघाट के कोलीढेक में मां गौरा की पूजा अर्चना करतीं महिलाएं। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। ग्रामीण क्षेत्रों में गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। गुमदेश के चमदेवल, जिंडी, लुपड़ा, नरसों, सुनकुरी, निडिल आदि क्षेत्रों के साथ लोहाघाट के कोलीढेक आदि क्षेत्रों में लोगों ने गौरा गायन किया।
जिंडी गांव में मुख्य संरक्षक पंडित मदन कलौनी के नेतृत्व में महिलाओं और पुरुषों ने गौरा, धूमारी, चाली का गायन और नृत्य किया। गौरा गायन में ओ देवी का थाना दैणा होया, जै-जै गौरा जै-जै महेश्वरा, कौशल्या सासू तुम बसी रया हम जांनू बनवास और शिवजी बोलन लाग्या मन इच्छा वरदान मांग आदि गीतों का गायन किया गया। महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर मांगलिक गीत झोड़े, चांचरी गाए।
सुनकुरी में महोत्सव समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह सामंत के दिशा निर्देशन में आयोजित गौरा महोत्सव का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य प्रीति पाठक, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मोहित पाठक ने किया। इधर, कोलीढेक गांव में उमेश जोशी के नेतृत्व में महिलाओं ने ओ फूल हजारी को फूल त्वे फूला देवी चढूना आदि कई गौरा गायन किया। यहां जानकी जोशी, गीता जोशी,बसंती जोशी, माहेश्वरी, भागीरथी जोशी, गंगा जोशी, अल्का ढेक, रमा जोशी आदि रहें। बाराकोट के नौमाना में भी ग्राम प्रधान सुनीता जोशी के नेतृत्व में महिलाओं ने गौरा गायन किया। भागीरथी देवी, ममता जोशी, बसंती जोशी, तुलसी देवी आदि रहीं।