गणेश दत्त चौबे ने उगाई पांच किलो की फूल गोभी
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सुंई पऊ सात खाल के गणेश दत्त चौबे अपने मेहनत के बल पर दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उनके खेत में पांच किलो वजनी फूल गोभी लगी हुई है। वह फूल गोभी, बंद गोभी के अलावा शिमला मिर्च, बैगन और टमाटर का भी उत्पादन करते हैं। इन्हें 10 नाली भूमि गर्वमेंट ग्रांट से मिली है। जिसमें यह गधेरे से पंप के जरिए पानी लाकर सब्जी का उत्पादन करने के अलावा दूध का भी उत्पादन कर रहे हैं।
इस कार्य में इनकी पत्नी तुलसी देवी, बेटी दीपा और दिनेश भी हाथ बंटाते हैं। उनका कहना है कि वह प्रतिवर्ष एक लाख रुपये तक की सब्जी बेच लेते हैं। लेकिन बाजारों में जैविक और अजैविक सब्जियों के दामों में कोई अंतर न होने से उन्हें मेहनत का उतना प्रतिफल नहीं मिल पाता है।
महेश डिक्टिया ने स्वयं तैयार किया जैविक कीटनाशक
10 वर्षों से जैविक सब्जियों का उत्पादन कर रहे खेतीखान तपनीपाल के महेश चंद्र डिक्टिया का कहना है कि वह जैविक विधि से कीटनाशक दवा तैयार कर उसका उपयोग करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक लीटर गोमूत्र में 200 ग्राम बिच्छू घास, 100 ग्राम तिमूर के दाने दो हफ्ते तक सड़ने के लिए रख दिए, उसके बाद छानकर एक लीटर दवा में 15 लीटर पानी मिलाकर छिड़काव करते हैं। इसी प्रकार उन्होंने 200 ग्राम तुलसी के पत्ते, 200 ग्राम तंबाकू के पत्ते, 200 ग्राम लहसुन, 10 लीटर पानी में पकाकर उसे आधा रहने के बाद एक लीटर दवा में 15 लीटर पानी से छिड़काव किया जाता है। यह दवा काफी प्रभावी है, इससे सब्जी पौधों में फफूंदी, काले धब्बे आदि रोग नहीं लगते हैं।