लोहाघाट में आयोजित बैठकी होली के गीतों में झूमते होल्यार।
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकी होलियों की धूम शुरू हो गई है। विभिन्न राग और फागों में होल्यार बैठकी होली के जरिये समां बांध रहे हैं। बृहस्पतिवार की रात को गांधी चौक स्थित संगीत शिक्षक अनूप कौशल के आवास पर में बैठकी होली का आयोजन किया गया।
मेजबान शिक्षक अनूप कौशल ने राग काफी में गणपति को भजले रसिक वो तो आदि कहावे और मानो-मानो जी छैल नंदलाल गाकर बैठकी होली की शुरूआत की। प्रकाश पांडेय ने राग यमन में सांझकाल नंद लाल खेलें होरी और राग काफी में प्रभु के नाम की होरी गीत प्रस्तुत किया। कमल वर्मा ने राग पीलू मैं ना जाऊं बृज में दधी बेचन को, जीआईसी विविल के प्रधानाचार्य सुनील पांडेय ने राग मालकोष में कृष्ण के दरस करा दे श्याम से होली गीत की बेहतरीन प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। तबले पर ताल लोकेश पांडेय, अक्षत कलखुड़िया, माणिक पांडेय, चिन्मय नरियाल, दीपांशु पुनेठा, अजय कलखुड़िया ने ठोंकी। डॉ.दिवाकर भट्ट के संचालन में देर रात तक चली बैठकी होली में जीवन गहतोड़ी, ऋषिराज तिवारी, जानकी सुयाल, लक्षिता भट्ट, मनीषा नरियाल, स्वाती मेलकाली, शांभवी नरियाल आदि शामिल थे।