सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इलाके चौड़ाकोट में बने सेनानी शिलापट पर पाकिस्तान के झंडे, मस्जिद और फारसी की लिखावट को पुलिस ने साफ करवा दिया। इससे पहले चंपावत के प्रभारी कोतवाल माधो राम के नेतृत्व में इलाके में पुलिस टीम भेजी गई। आसपास गश्त भी की गई। लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने किसी साजिश की आशंका से इनकार किया है।
एसपी दिलीप सिंह कुंवर ने बताया कि सेनानी शिलापट में लिखावट के बारे में जानकारी लेने के लिए पुलिस टीम को भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक शिलापट में पाकिस्तान के झंडे के बजाय इस्लाम का निशान प्रतीत हो रहा है। साथ ही मक्का की मस्जिद जैसा चित्र दर्ज है, तथा कुछ लाइनें लिखी गई हैं। अलबत्ता यह कब लिखा गया है, पुलिस इसका पता नहीं लगा सकी। सरपंच स्वरूप राम और इलाके के अन्य लोगों से बात करने के बाद पुलिस ने इसे खतरे की आहट मानने के बजाय किसी की शरारत माना है। कहा कि हो सकता है ऐसा किसी शख्स ने अपनी आस्था के चलते लिख दिया हो। बाद में पुलिस ने शिलापट पर अंकित चित्र को साफ करवा दिया।
एसपी ने कहा कि सेनानियों के इस इलाके के महत्व को देखते हुए पूरी सतर्कता बरती जाएगी। गश्त के अलावा खुफिया पुलिस बराबर नजर रखेगी। अजनबी लोगों के सत्यापन का अभियान भी चलेगा। साथ ही नागरिकों से किसी भी तरह का संदेह होने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है।
साजिश हो या न हो, मगर मामला बेहद गंभीर
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन और इलाके के लोगों ने गणतंत्र दिवस के ऐन पहले सेनानी शिलापट पर लिखावट को आपत्तिजनक माना है। सेनानी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी, सरपंच स्वरूप राम, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री हरीश चंद्र पांडेय का कहना है कि ये वारदात कोई साजिश हो या न हो, लेकिन बेहद गंभीर तो जरूर है। इलाके को सुरक्षित रखने के साथ ही सेनानियों के शिलापट को किसी भी तरह की छेड़छाड़ से मुक्त रखने की जरूरत है। इसके लिए पुलिस ही नहीं, प्रशासन को भी जरूरी कदम उठाने चाहिए। शिलापट को चहारदीवारी से युक्त करने सहित कई उपाय किए जाने चाहिए।