टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर सिन्याड़ी के पास पहाड़ी दरकने से आए मलबे के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रविवार को देर रात सड़क खुलने के बाद सोमवार को फिर से सड़क बंद होने से लोहाघाट डिपो की 12 बसों का संचालन नहीं हो पाया। इस डिपो की तीन बसों को सुरक्षा के मद्देनजर चल्थी में रोका है। यहां से महज चार बसों को देवीधुरा होकर दिल्ली, देहरादून रूट पर भेजा गया।
रोडवेज के बुकिंग क्लर्क शंकर पाल ने बताया कि लोहाघाट से देवीधुरा होकर हल्द्वानी आदि जगहों के लिए बड़ी बसों के पास न होने से बड़ी बसें संचालित नहीं की जा सकी। देवीधुरा होकर दिल्ली के लिए दो, देहरादून के लिए दो बसें ही भेजी जा सकी। सड़क बंद होने से 12 बसों का संचालन नहीं हो पाया है। इनमें दिल्ली रूट की तीन, देहरादून की दो और बाकी काशीपुर, हल्द्वानी रूट की बसें हैं। चल्थी में रोकी गई हल्द्वानी, नैनीताल, बरेली रूट की तीन बसों को सड़क खुलने के बाद आगे भेजा जाएगा। बसों की आवाजाही में अड़चन आने से यात्रियों को तो परेशानी झेलनी ही पड़ रही है। रोडवेज को भी करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। टनकपुर, खटीमा आदि स्थानों को जाने वाले यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
48 किमी की अतिरिक्त सफर करने को मजबूर लोग
लोहाघाट। कुछ टैक्सी चालकों ने यात्रियों को लोहाघाट-रीठा साहिब-सूखीढांग होकर टनकपुर पहुंचाया लेकिन इस रूट से टनकपुर पहुंचने में उन्हें 48 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। उन्हें अतिरिक्त किराया भी देना पड़ा।