टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में जिला मुख्यालय से करीब 42 किमी दूर सिन्याड़ी में रविवार शाम करीब छह बजे आए मलबे को करीब चार घंटे में हटा लिया गया। अलबत्ता दो फंसी पोकलैंड में से आंशिक रूप से फंसी पोकलैंड को निकाल लिया गया, मगर बुरी तरह फंसी पोकलैंड अभी नहीं निकाली जा सकी। दोनों तरफ फंसे 200 से अधिक वाहनों को रात में ही आवाजाही कराई गई, लेकिन रात को खुली सड़क सुबह फिर से आवागमन के लिए बंद हो गई। प्रशासन ने सिन्याड़ी की पहाड़ी में आई गहरी दरार के चलते सुरक्षागत कारणों से दोनों तरफ से आवाजाही पर रोक लगाई। इस रूट में सोमवार को दिनभर आवाजाही नहीं हुई। अलबत्ता कुछ वाहन देवीधुरा, रीठासाहिब होकर आगे बढ़े। बनलेख, ककरालीगेट में वाहनों को रोका गया है। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने एनएच खंड को दो दिन के भीतर सिन्याड़ी का भूगर्भीय सर्वेक्षण कार्य कराने के आदेश दिए हैं। कहा कि सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुरूप तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं।
एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि सिन्याड़ी पहाड़ी में गहराती दरार के कभी भी गिरने की आशंका के चलते आवाजाही रोकी गई है। पहाड़ी की इस खतरनाक हालत के मद्देनजर सोमवार को अधिकांश समय कोई काम भी नहीं हो सका। सोमवार अपराह्न को एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी, ईई एनएच एलडी मथेला ने सिन्याड़ी का मौका मुआयना किया। बताया कि पहाड़ी की खतरनाक स्थिति के मद्देनजर फिलहाल इस रूट से फिलहाल आवाजाही पर रोक का सुझाव दिया। सड़क की चौड़ाई 12 मीटर से अधिक होने के बावजूद सिन्याड़ी की करीब 30 मीटर ऊंची कमजोर पहाड़ी के खतरनाक होने से वाहनों की आवाजाही बंद रही। चल्थी पुलिस चौकी के प्रभारी पीआर विश्वकर्मा रविवार शाम से ही मौके पर जमे हैं। सोमवार सुबह से मौके पर फंसे वाहनों को पुलिस लगातार समझाती रही, इसकी बावजूद छिटपुट वाहन जिद कर यहां से आगे बढ़ गए। जबकि काफी वाहन टनकपुर या चंपावत को चले गए। प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने फंसे लोगों के लिए भोजन, पानी आदि की व्यवस्था की।
सिलेंडरों की आपूर्ति देवीधुरा से कराने का आग्रह
एनएच में सिन्याड़ी के पास 21 जनवरी से हो रहे भूस्खलन के चलते डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने इस स्थान पर लगातार निगरानी के आदेश दिए हैं। ककराली गेट से सिन्याड़ी तक, कोतवाली चंपावत से सिन्याड़ी तक पुलिस गश्त करनेे, ककरालीगेट में पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने हल्द्वानी स्थित इंडेन बॉटलिंग प्लांट के डीजीएम से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पिथौरागढ़ जिले के लिए अल्मोड़ा-घाट मोटर मार्ग, चंपावत जिले के पहाड़ी हिस्सों के लिए खुटानी-देवीधुरा मार्ग से आपूर्ति का आग्रह किया है। जिला पूर्ति अधिकारी को मोटर मार्ग में फंसे यात्रियों के खानपान की व्यवस्था करने, पालिका को यात्रियों के लिए रैन बसेरे में समुचित व्यवस्था एवं रैन बसेरे के पास बाजार क्षेत्र में कोतवाली के बैरियर के पास अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं।
चार घंटे में मलबा साफ, वाहनों के जाम से निपटने में लग गए दो घंटे
एनएच में सिन्याड़ी के पास आए भारी मलबे को रात में लगातार काम करने से करीब चार घंटे में हटा लिया गया। रविवार शाम करीब छह बजे सिन्याड़ी से मलबा सड़क पर आया। मलबे की चपेट में मौके पर खड़ी दो पोकलैंड मशीनें भी आईं। रविवार रात दस बजे मलबा तो साफ कर दिया गया, लेकिन दोनों तरफ फंसे वाहनों से लगे जाम से निपटने में दो घंटे से अधिक का समय लग गया। चल्थी पुलिस चौकी के प्रभारी पीआर विश्वकर्मा, टनकपुर के एसडीएम अनिल चन्याल, जिला आपदा अधिकारी मनोज पांडेय ने घंटों खड़े होकर मध्य रात्रि करीब 12 बजे जाम खुलवाया।