चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में पूर्व बीडीसी सदस्य को चार वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक साल पुराने मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद महेश सिंह (45) को चार वर्ष कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे सिद्ध करने में सफल रहा है। अभियुक्त को लैंगिक हमले का दोषी पाया गया।
फरवरी 2024 में रीठा साहिब थाना क्षेत्र में पिता ने पुलिस में तहरीर देकर कहा कि गांव के महेश सिंह ने उसकी 17 वर्षीय बेटी के साथ छेड़छाड़ की। अभियुक्त ने वादी के बेटे से पीड़िता का मोबाइल नंबर लिया। फोन कर उसकी लोकेशन जानी और किसी कागज पर हस्ताक्षर कराने के बहाने मिलने पहुंचा। मिलने पर उसे रुपये का प्रलोभन देने का प्रयास किया। गलत नीयत से उसे झाड़ियों की तरफ ले गया और छेड़छाड़ की। लड़की ने अभियुक्त को धक्का देकर किसी तरह अपनी इज्जत बचाई। घर पहुंचने पर आपबीती दादी को बताई। पुलिस ने के दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा था।
स्मैक तस्करी में दो भाईयों सजा
चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) अनुज कुमार संगल की अदालत ने स्मैक तस्करी के आरोपी भाईयों को दोषसिद्ध किया है। अदालत ने पांच वर्ष पुराने में मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद भाईयों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने फतेहगंज पश्चिमी, निकट गरीब नवाज मस्जिद, बरेली, यूपी सद्दाम (25) को पांच वर्ष कठोर कारावास, 80 हजार रुपये अर्थदंड और फैजान (21) को तीन वर्ष की जेल और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले के अनुसार, टनकपुर पुलिस ने अगस्त 2020 में सद्दाम से 51.16 ग्राम और फैजान से 30.55 ग्राम स्मैक पकड़ी थी। अभियुक्तों का कहना था कि वह नेपाल सीमा पर किसी को स्मैक सौंपने आए थे। संवाद