बेरोजगारों के साथ ये क्रूर मजाक है। 300 से 500 रुपए का आवेदन पत्र, लेकिन उस फार्म को लाने के लिए 700 रुपए का किराया लग रहा है। ये हाल जिला सहकारी बैंक के रिक्त पदों का है। फार्म लेने पिथौरागढ़ जाने की मजबूरी के अलावा बेरोजगार नौजवानों को आर्थिक चपत भी लग रही है।
पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक सहित प्रदेश के 11 सहकारी बैंकों में वर्ग-3 (लिपिकीय वर्ग) और वर्ग-2 (शाखा प्रबंधक) के करीब 300 पदों पर नियुक्ति होनी है। अकेले चंपावत और पिथौरागढ़ जिले में 16 लिपिक तथा सात शाखा प्रबंधकों के पद भरे जाने है। इन पदों को लेकर बेरोजगारों में भारी उत्साह है। पर चंपावत जिले में आवेदन पत्र नहीं मिलने से बेरोजगारों की मुश्किलें बढ़ी हैं। जिले के नौजवानों को ये फार्म पिथौरागढ़ से मिल रहे हैं। बनबसा से पिथौरागढ़ का फासला 165 किलोमीटर है, जिसका एक तरफ का किराया ही 350 रुपए है। साथ ही समय पर फार्म नहीं मिलने या वापसी के लिए वाहन की उपलब्धता नहीं होने पर बेरोजगारों को रात भी पिथौरागढ़ में काटनी पड़ सकती है। उन्हें 700 से 1000 रुपए की रकम सिर्फ फार्म को हासिल करने में खर्च करनी पड़ रही है।
छह दिन के लिए लगेगा विशेष शिविर
चंपावत। फार्म नहीं मिलने से युवकों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए भाजपा जिला महामंत्री गोविंद सामंत ने बैंक महाप्रबंधक से बात की। जीएम ने अध्यक्ष दलबहादुर बाफिला से फोन पर मंत्रणा कर नवयुवकों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए एक सप्ताह के लिए चंपावत में विशेष व्यवस्था करने की बात कही। चंपावत की शाखा में ये शिविर 18 से 23 मई तक लगेगा।