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Champawat: फॉरेस्ट गार्ड ने खुद को गोली मारकर किया सुसाइड, अप्रैल में होनी थी शादी; जांच में जुटी पुलिस

Tue, 27 Feb 2024 06:48 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, टनकपुर

सार

शारदा वन रेंज के अंतर्गत कलौनिया वन चौकी में तैनात वन बीट अधिकारी हरीश चंद्र जोशी ने अपनी चौकी से करीब छह किमी दूर सेनापानी चौकी के कमरे में तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से विभागीय कर्मियों में खलबली मच गई।
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फारेस्ट गार्ड हरीश चंद्र जोशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शारदा वन रेंज के अंतर्गत कलौनिया वन चौकी में तैनात वन बीट अधिकारी हरीश चंद्र जोशी ने अपनी चौकी से करीब छह किमी दूर सेनापानी चौकी के कमरे में तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से विभागीय कर्मियों में खलबली मच गई। बनबसा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर टनकपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। वह मृतक आश्रित कोटे के तहत भर्ती हुए थे। उनकी 18 अप्रैल को शादी होनी थी। सीओ शिवराज सिंह राणा ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच जारी है।

शारदा रेंज के अधिकारियों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब छह बजे मूल रूप से नैनीताल जिले के चोरगलिया मुख्य बाजार निवासी वन बीट अधिकारी हरीश चंद्र जोशी (35) पुत्र स्व. प्रकाश चंद्र जोशी ने शारदा रेंज के सेनापानी वन चौकी के एक कमरे में तमंचे से गोली मारकर जान दे दी। गोली की आवाज सुनकर साथी वन कर्मी रजनीश और बलवंत सिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी।

रेंज के अधिकारी और बनबसा पुलिस के एसआई जितेंद्र बिष्ट मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए टनकपुर उप जिला अस्पताल भेजा। पुलिस को मौके से 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है। सूचना पर सीओ शिवराज सिंह राणा, बनबसा एसओ लक्ष्मण सिंह जगवाण, टनकपुर एसएचओ चंद्रमोहन अस्पताल पहुंचे और रेंजर पीसी जोशी तथा अन्य वन कर्मियों से घटना की जानकारी ली। सीओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, मामले की जांच जारी है।

चोरगलिया से पहुंचे हरीश के बड़े भाई हेम चंद्र जोशी ने बताया कि उसकी 18 अप्रैल में शादी होने वाली थी। हरीश ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इससे वह भी हैरत में हैं। बताया गया कि हरीश अपनी चौकी कलौनिया के नजदीकी चौकी सेनापानी आता-जाता रहता था। वन कर्मियों ने बताया कि वह दो-तीन दिन से घर जाने की बात कह रहा था। सीओ ने बताया कि मौके से 315 बोर के तमंचा को कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।

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दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था हरीश
वन बीट अधिकारी हरीश चंद्र जोशी के पिता स्व. प्रकाश चंद्र जोशी भी शारदा वन रेंज के कार्यालय में तैनात थे। वर्ष 2015 में उनकी मृत्यु के बाद मृतक आश्रित कोटे से हरीश की नियुक्ति हुई। परिवार में मां चंद्रा जोशी और बड़ा भाई हेम चंद्र जोशी है। बहन आशा पाठक की टनकपुर में शादी हुई है जबकि दूसरी बहन माया पंत की भी शादी हो चुकी है। मृतक चार भाई बहनों में सबसे छोटा था।

बताया गया कि हरीश मिलनसार था। वह अपनी कलौनिया चौकी से छह किमी दूर सेनापानी चौकी आता-जाता था। रेंजर पीसी जोशी ने बताया कि दोनों चौकियों के कर्मी संयुक्त गश्त करते हैं। सुबह गोली चलने की सूचना उसके साथ चौकी में मौजूद कर्मी रजनीश और बलवंत सिंह बिष्ट ने दी। वह वर्ष 2017 से कलौनिया वन चौकी में तैनात था। सूचना मिलते ही चोरगलिया से भाई हेम चंद्र जोशी भी अस्पताल पहुंचे।

उन्होंने बताया कि परिवार हरीश की शादी की तैयारियों में लगा हुआ था। वह सप्ताह भर पहले ही अवकाश पर घर आया था। 18 अप्रैल को कस्बे से ही उसकी शादी तय हुई थी। इधर, इस घटना से शादी की तैयारियां मातम में बदल गईं। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

हरीश की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में साथी कर्मियों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। मृतक के रिश्तेदार और छीनी में तैनात वन दरोगा कैलाश चंद्र पंत ने बताया कि हरीश के पिता की हार्ट अटैक से मृत्यु हुई थी।

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