पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही कम होने से मेला ड्यूटी में बाहरी जिलों से आया फोर्स लौटने लगा है। पंद्रह जून तक चलने वाले मेले में सुरक्षा की जिम्मेदारी अब जिले के फोर्स के सहारे रहेगी।
हर साल होली के अगले दिन से शुरू होने वाला पूर्णागिरि मेला इस बार 14 मार्च से शुरू हुआ और 15 जून तक चलेगा। मेले के शुरुआती दिनों के अलावा नवरात्रों में देवी के दर्शन को श्रद्धालुओं का भारी भीड़ उमड़ी। इन दिनों भी देवी के दर्शन को श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी है। इन दिनों उत्तर भारत से ज्यादा नेपाल के श्रद्धालुओं की आवक अधिक है।
नेपाल के कंचनपुर, कैलाली, डडेलधूरा, बैतड़ी, चीसापानी, कोहलपुर, नेपालगंज, रोल्पा आदि दूरस्थ क्षेत्रों से श्रद्धालु देवी के दर्शन को आ रहे हैं। इधर, भीड़ कम होने और पर्यटन सीजन शुरू होने से नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर जिले से मेला ड्यूटी में आया फोर्स लौटने लगा है। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि बाहरी जिलों के फोर्स को वापस भेजने के बाद अब मेले के शेष दिनों में सुरक्षा की जिम्मेदारी जिले के ही फोर्स पर निर्भर रहेगी। उनके मुताबिक भीड़ के लिहाज से मेले में जिले का पर्याप्त फोर्स तैनात है।