टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। मेले में देश के विभिन्न क्षेत्रों से रोज हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। मेले की तीसरे दिन शुक्रवार को 20 हजार से अधिक भक्तों ने देवी के मां के दर्शन कर पुण्य कमाया। 11 मार्च से शुरू हुए इस मेले में अब तक 65 हजार से श्रद्धालु देवी मां के दर्शन कर चुके हैं।
पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, कासगंज, एटा, मुरादाबाद, लखनऊ, रामपुर, लखीमपुर, सीतापुर, बहराइच, बिजनौर समेत उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से भक्त मां पूर्णागिरि के दरबार में मत्था टेक पुण्य कमाने पहुंच रहे हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार मेले के शुरूआती दिनों में श्रद्धालुओं की आवक कम होने से व्यवस्थाओं को नियंत्रित करने में मेला प्रशासन को ज्यादा हाथ-पांव नहीं मारने पड़ रहे हैं। श्रद्धालुओं को भी दर्शन के लिए ज्यादा देर प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ रही है।
नियमित रूप से सफाई न होने से लोग परेशान
पूर्णागिरि मेले में तीन दिन बाद भी सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है। नियमित सफाई न होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पर्यावरण मित्र तैनात न किए जाने से यह स्थिति बनी हुई है। ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार के समीप भंडारा स्थल और काली मंदिर क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। इससे यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। संवाद
बीएसएनएल की संचार सेवा भी ठप, उपभोक्ता परेशान
मां पूर्णागिरि धाम में संचार की एकमात्र साधन बीएसएनएल संचार सेवा भी ठप है। जिससे मेले में आ रहे श्रद्धालु किसी से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मोबाइल में सिग्लन आ रहे हैं, लेकिन बात नहीं हो पा रही है। इधर बीएसएनएल के जेटीओ दीपक पासवान का कहना है कि पूर्णागिरि में संचार सेवा वीसैट से संचालित है, जिसका हब बंगलूरू में है और वहीं से ऑपरेट होता है। इसकी शिकायत दर्ज कराई गई है, जल्द ही सेवा दुरुस्त करा दी जाएगी।
-बारिश ने बढ़ाई परेशानी
शुक्रवार की सुबह अचानक मौसम के करवट बदलने से मां पूर्णागिरि मेले मेें आए श्रद्धालुओं को एक घंटे परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में मौसम साफ होने से श्रद्धालुओं को राहत मिली। शुक्रवार को सुबह आठ बजे से अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो करीब एक घंटे तक जारी रही। बारिश से बचने लिए श्रद्धालुओं ने धर्मशालाओं में शरण लेनी पड़ी। व्यवस्थाएं न होने से कुछ बारिश में भीगने को मजबूर हुए तो कुछ ने दुकानों के छज्जों के नीचे खड़े होकर बचाव किया।
लाउडस्पीकर से दी जा रही बचाव की सलाह
पूर्णागिरि मेले में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट है। जांच के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की टीम तैनात करने के साथ ही समूचे मेला क्षेत्र मेें लाउडस्पीकर की इंटरकॉम संचार व्यवस्था के माध्यम से यात्रियों को कोरोना वायरस के प्रति सजग रहने की सलाह दी जा रही है।
स्वागत द्वार से जगमगा रहा पिथौरागढ़ चुंगी तिराहा
पूर्णागिरि मेले का स्वागत द्वार बनाए जाने से शहर का पिथौरागढ़ चुंगी तिराहा रात में जगमगा रहा है। मेला प्रशासन से इस बार पिथौरागढ़ चुंगी तिराहे में स्वागत द्वार बनाने के साथ ही तिराहे से ककरालीगेट स्थित पूर्णागिरि मार्ग तिराहे तक करीब एक कि लोमीटर की अतिरिक्त पथ प्रकाश की भी व्यवस्था की है, जिससे रात में श्रद्धालुओं के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को भी सुविधा मिल रही है।
शार्टकट फेर में खाई में फंसे चार युवा श्रद्धालु
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि के दर्शन को आए चार युवा श्रद्धालु शार्टकट रास्ते के फेरे में हनुमानचट्टी के समीप ज्वाला मंदिर की गहरी खाई में फंस गए, जिन्हें भैरव मंदिर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर खाई से सुरक्षित निकाला गया।
औरंगाबाद अलीगढ़ से मां पूर्णागिरि के दर्शन को आए जीतू कुमार (23) पुत्र दुर्गेश कुमार, प्रमोद कुमार (28) पुत्र रामचरन, बॉबी (18) पुत्र वेदप्रकाश और अनिल गुप्ता (28) पुत्र राधेश्याम गुप्ता शुक्रवार की सुबह ज्वाला मंदिर की पहाड़ी के पास से शार्टकट रास्ते से जाने के लिए सड़क से गहरी खाई की तरफ उतर गए। काफी देर जाने के बाद वह न ऊपर जा पा रहे थे और न ही नीचे की तरफ। घबराकर उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया तो लोगों ने भैरव मंदिर थाने की पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों की टीम ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित खाई से निकाला। रेस्क्यू टीम में कांस्टेबल गुलाम जिलानी, उमेश राणा, अग्निशमन के कांस्टेबल बालमुकुंद सिंह राणा और कश्मीर सिंह शामिल थे। संवाद