टनकपुर में पूर्णागिरि मार्ग पर नायकगोठ-थ्वालखेड़ा रोखड़ में उफनाया किरोड़ा नाल और फंसे लोग।
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टनकपुर (चंपावत)। शुक्रवार रात हुई मूसलाधार बारिश क्षेत्र में आफत लेकर बरसी। मां पूर्णागिरि धाम में दो जगह पर चट्टान दरकने से मलबे में दबकर तीन दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बस्तिया में भी बरसाती पानी से तीन लोगों के घर जलमग्न हो गए और धान की फसल तबाह हुई। इधर किरोड़ा नाले के उफान पर आने से पूर्णागिरि मार्ग सुबह तीन घंटे बंद रहा। थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, खेतखेड़ा, उचौलीगोठ, बूम आदि गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क भी कटा रहा। बाटनागाड़ में भारी मलबा आनेे के कारण बूम से आगे पूर्णागिरि मार्ग बंद हो गया है।
शुक्रवार रात पर्वतीय क्षेत्र और शनिवार की सुबह मैदानी क्षेत्र टनकपुर में भारी बारिश ने जमकर आफत मचाई है। मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में सिद्धमोड़ और नागा क्षेत्र में पहाड़ी का भारी मलबा गिरने से दो दुकानें ध्वस्त हो गई, जबकि तीसरी दुकान मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हुई है। मंदिर समिति कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय ने बताया कि सिद्धमोड़ में मोहन पांडेय और नागा क्षेत्र में विनोद उप्रेती की दुकान मलबे मेें दबकर ध्वस्त हुई है। गनीमत रही कि तब दोनों दुकानें बंद थीं और वहां कोई नहीं था। नगर क्षेत्र में ईश्वर पांडेय की दुकान भी मलबा आने से मामूली क्षतिग्रस्त हुई है। सेलागाड़ में बेनीप्रसाद पांडेय के घर के आंगन की दीवार भी पानी से हुए कटाव से ढह गई है।
बस्तिया में जंगलों के पानी का रुख गांव की ओर मुड़ने से काफी नुकसान हुआ है। ग्राम प्रधान कविता धौनी ने बताया कि भुवन राम, शंकर राम, जयकिशन के मकान, गोशाला जलमग्न होने से घर का सामान और पशुओं का चार नष्ट हुआ है। करीब 50 मीटर सिंचाई गूल भी पानी के कटाव से क्षतिग्रस्त हुई है। खेतों में धान की फसल को भी खासा नुकसान पहुंचा है।
पहाड़ी मार्ग पर जाने वाले वाहनों को टनकपुर मेें रोका
टनकपुर। चंपावत राजमार्ग मलबा आने के कारण बंद रहने से शनिवार को टनकपुर से पर्वतीय मार्ग पर जाने वाले वाहन ककरालीगेट से आगे नहीं जा सके। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने शनिवार की सुबह ककरालीगेट का बैरियर गिराकर वाहनों को आगे जाने से रोक दिया था। बताया गया कि स्वाला, बेलखेत, चल्थी आदि स्थानों पर मलबा आने से सड़क बंद है। खबर लिखे जाने तक मार्ग नहीं खुल पाया था।