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चंपावत जिले में दम तोड़ गई पांचों आपात सेवा

Sat, 16 Sep 2017 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
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बैरिंग खराब होने से शनिवार से खड़ी टनकपुर की आपात चिकित्सा सेवा 108 - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत जिले की पांचों आपात चिकित्सा सेवा 108 बंद हो गई हैं। शुक्रवार तक 18 किलोमीटर के दायरे में चल रही टनकपुर की सेवा ने भी शनिवार को जवाब दे दिया है। अब ये सेवा टनकपुर संयुक्त अस्पताल में खड़ी हो गई है। वहीं, आपात चिकित्सा सेवा के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्हें न केवल वक्त पर वाहन नहीं मिल पा रहा है, बल्कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों से नजदीकी अस्पताल तक पहुंचने में ही काफी धन खर्च करना पड़ रहा है।

चंपावत जिले की पांचों आपात चिकित्सा सेवा 108 ने एक-एक करके दम तोड़ दिया है। लोहाघाट, पाटी, रीठा साहिब और चंपावत पहले ही बंद हो गई थीं। शनिवार को टनकपुर की आपात सेवा भी ठप हो गई। इस वाहन के दो टायरों के बैरिंग खराब होने से इसका चलना मुमकिन नहीं था। टनकपुर की 108 सेवा के स्टाफ ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। बताया गया कि सोमवार तक हल्द्वानी से मैकेनिक आएगा, इसके बाद ही वाहन चलने लायक बन पाएगा। वहीं इससे पूर्व की अन्य चार आपात सेवा टायरों की गड़बड़ी के कारण अलग-अलग तारीखों में बंद हो गई है।
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अब ये पांचों वाहन खड़े हो गए हैं। जिले के पहाड़ी क्षेत्र की सभी आपात सेवा बंद होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से जिले के अस्पतालों तक लाने के लिए किराए के वाहन का उपयोग करने की मजबूरी हो रही है। इसी तरह जिले के किसी भी अस्पताल से रेफर होने वाले केसों को उच्च केंद्रों तक ले जाने के लिए भी मरीजों के तीमारदारों को खुद की व्यवस्था करनी पड़ रही है।


कब कौन सी आपात सेवा बंद हुई 
लोहाघाट : 3 सितंबर। 
पाटी :      11 सितंबर। 
रीठा साहिब : 12 सितंबर 
चंपावत :      14 सितंबर 
टनकपुर :     16 सितंबर 


खुशियों की सवारी से भी नाखुशी 
चंपावत जिले में खुशियों की सवारी के हाल भी ठीक नहीं है। जिले की तीन (चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर) खुशियों की सवारी में से दो ही चल रही है। टायरों की कमी की वजह से लोहाघाट की खुशियों की सवारी 19 अगस्त से बंद है। बता दें कि खुशियों की सवारी का उपयोग अस्पताल से जच्चा-बच्चा को घर तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।

कोट..... एक
जिले की आपात चिकित्सा सेवा 108 के सुचारु नहीं होने से भारी परेशानी हो रही है। दुर्घटना अथवा किसी आपात वक्त में लोगों को अस्पताल तक नहीं लाया जा पा रहा है। प्रदेश सरकार ने 108 सेवा के लिए धन अवमुक्त किया है, लेकिन यह अभी यहां पहुंचा नहीं है। इसके मिलते ही सेवा सामान्य हो जाएगी। -डॉ. एमएस बोहरा, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
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कोट 
आपात सेवा 108 के लिए छह करोड़ रुपये प्रदेश सरकार ने अवमुक्त कर दिया है। अगले हफ्ते तक राशि जिलों तक पहुंचने के बाद सेवा सुचारु हो जाएगी। -मनीष टिंकू, राज्य प्रभारी, आपात सेवा 108 देहरादून।
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