होली के अगले दिन से शुरू हो रहे प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले की सरकारी तौर पर की जा रही कई व्यवस्थाएं अब तक पूरी नहीं हो पाई हैं। फिलहाल मेला क्षेत्र में पथ प्रकाश व्यवस्था का काम जोरशोर से चल रहा है। इस बार भी ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक करीब 22 किमी क्षेत्र में सड़क किनारे पथ प्रकाश की व्यवस्था रहेगी।
श्री पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के तुरंत बाद से मेला शुरू हो जाता है। तीन माह तक इसकी सारी व्यवस्थाएं जिला प्रशासन करता है। 14 मार्च से मेला शुरू हो रहा है, लेकिन कई व्यवस्थाएं अब तक पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि तैयारियों का जायजा लेने पूर्णागिरि दौरे पर आए डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने संबंधित विभागों को होली से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। विभागों के अधिकारियों ने भी दावा किया है कि होली के पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी, लेकिन जिस रफ्तार से व्यवस्थाओं का काम चल रहा है उससे नहीं लगता कि मेले के पहले दिन से ही यात्रियों को सभी सुविधाएं मिल पाएंगी। शारदा में स्नान की व्यवस्था हो या फिर मां पूर्णागिरि धाम में भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक पैदल मार्ग में फुट टाइल्स बिछाने का कार्य इन पांच दिनों में पूरा हो जाएगा इसमें संदेह है। इधर, जिला पंचायत भी अब तक मेला क्षेत्र में शौचालय, यात्री विश्राम टिन शेडों का निर्माण नहीं कर पाई है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि 13 मार्च से पहले हर व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेला क्षेत्र में थाना प्रभारी नियुक्त हुए
टनकपुर। पूर्णागिरि मेले के लिए पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरु ने मेला क्षेत्र में ठूलीगाड़ थाने के अलावा भैरव मंदिर और काली मंदिर के अस्थायी थानों में प्रभारियों की तैनाती कर दी है। कोतवाल वीसी शर्मा ने बताया कि उप निरीक्षक दीवान सिंह जलाल को ठूलीगाड़, एसओजी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह खड़ायत को भैरव मंदिर और उप निरीक्षक लक्ष्मण सिंह बिष्ट को काली मंदिर का थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।