आंधी-तूफान को आए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन चंपावत जिले के कई ग्रामीण हिस्से अब भी अंधेरे के आगोश में हैं। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश से लेकर सूखीढांग क्षेत्र के लोगों का उजाले का इंतजार खत्म नहीं हुआ। क्षेत्र के तमाम गांवों को बिजली नहीं होने से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। यहां तक कि मोबाइल फोनों को चार्ज करना भी कठिन हो रहा है।
नेपाल सीमा से लगे तामली, सिमिया, पोलप, रायलगांव, कारी, नीड़, तल्लापाल के सूखीढांग, श्यामलाताल क्षेत्र सहित 21 से अधिक गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी है। इन इलाकों में आंधी-तूफान के बाद से बत्ती गुल है। बिजली नहीं होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कत हो रही है। लोग तेल के लैंपों का सहारा लेने को मजबूर हैं। अन्य कामकाज के अलावा स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी मार पड़ रही है। पूर्व प्रधान राजेश पांडेय, भुवन जोशी, महासिंह, नवीन जोशी, विपिन जोशी, राजेंद्र सिंह आदि ने तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।