चंपावत। जिले के बाराकोट ब्लॉक के पड़ासौंसेरा गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जहां एक मत्स्य पालक के तालाब में एक क्विंटल चारा खाने के बाद भी मछलियों का वजन नहीं बढ़ रहा है। मत्स्य पालक दीपक सिंह अधिकारी का कहना है कि मत्स्य विभाग के नरसिंहडांडा केंद्र से उन्होंने पांच माह पूर्व 2000 मछली के बीज खरीदे थे। एक क्विंटल चारा खिलाने के बाद भी मछलियों का वजन नहीं बढ़ रहा है।
उनका कहना है कि तालाब में लगातार मछलियों की मौत हो रही है। उन्हें मछली के बीजों से नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके पास 12 फीट गुणा 10 फीट के दो तालाब हैं। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने मत्स्य विभाग से भी की है। उधर, जिला मत्स्य निरीक्षक राजकुमार ने बताया कि विभाग मत्स्य पालकों को मछली के बीज उपलब्ध कराता है। नरसिंहडांडा में बीज तैयार कर मत्स्य पालकों को दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि एक स्क्वायर फीट में एक मछली का मानक है। कम जगह होने के कारण मत्स्य पालक की ओर से अधिक बीज डाले जाने तथा समय पर चारा न देने से मछली के वजन में वृद्धि नहीं होती है। मत्स्य विभाग समय-समय पर पशुपालकों को प्रशिक्षण देता है तथा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी मत्स्य पालकों को समय-समय पर जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।