काली कुमाऊं के अंतिम रेल हेड के लोगों को जल्द ही बड़ी रेल लाइन का तोहफा मिलने वाला है। बृहस्पतिवार को रेलवे ने टनकपुर तक रेल का इंजन दौड़ाकर सफल ट्रायल लिया है। रेल के इंजन की सीटी बजते ही लोगों का हुजूम रेलवे स्टेशन की ओर दौड़ पड़ा। इधर, शुक्रवार को पीलीभीत-टनकपुर रूट पर मझोला से बड़ी रेल लाइन सेवा शुरू हो जाएगी। केंद्रीय बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण मंत्री मेनका गांधी और रेलवे के महाप्रबंधक गोरखपुर मंडल राजीव मिश्र हरी झंडी दिखाकर पीलीभीत से मझोला के लिए रेल को रवाना करेंगे।
पीलीभीत-टनकपुर रूट पर 31 मार्च से बड़ी लाइन रेल सेवा शुरू करने की रेलवे की योजना की खबर सबसे पहले 21 मार्च को अमर उजाला ने छापी थी। पीलीभीत को बड़ी लाइन से जोड़ने के बाद रेलवे ने पीलीभीत से टनकपुर के लिए बड़ी रेल लाइन से जोड़ने का काम शुरू किया है। इसके चलते गत वर्ष 16 जून से टनकपुर-पीलीभीत के बीच ट्रेनों का संचालन बंद है। 62 किमी लंबे इस रूट पर टनकपुर तक लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मझोला से टनकपुर के बीच 38 किमी रेल ट्रैक पर अभी सिग्नल सिस्टम समेत कई कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। अलबत्ता शुक्रवार यानि 31 मार्च से पीलीभीत के बीच बड़ी रेल लाइन सेवा शुरू हो जाएगी। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी शुक्रवार को पीलीभीत में हरी झंडी दिखाकर मझोला के लिए ट्रेन को रवाना करेंगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल पीलीभीत-मझोला के बीच तीन जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होगा। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि मझोला से टनकपुर के बीच बिछाई गई रेल लाइन के पहले ट्रायल के लिए इज्जत नगर से रेलवे के अधिशासी अभियंता मकसूद अली इज्जत नगर से रेल का इंजन लेकर टनकपुर पहुंचे। पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन शाम पांच बजकर चालीस मिनट पर टनकपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। उन्होंने बताया कि पहले सफल ट्रायल के बाद अब टीटीएम मशीन से ट्रायल होगा और फिर मालगाड़ी से निर्माण सामग्री यहां लाई जाएगी। धीरे-धीरे ट्रैक ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
उधर, टनकपुर पहुंचे रेल के इंजन की सीटी सुनाई पड़ते ही लोगों ने रेलवे स्टेशन की तरफ दौड़ लगा दी। करीब दस माह बाद रेल का इंजन देखकर लोगों में खासा उत्साह नजर आया।