रीठा साहिब के प्रसिद्ध गुरुद्वारे के ऊपर पहली बार ड्रोन के जरिए फूलों की वर्षा की गई। पंजाब के लुधियाना से आई संगत की टीम ने सोमवार को पुष्प वर्षा के कार्यक्रम का आयोजन किया। पहली बार हुए इस कार्यक्रम को देखने के लिए काफी लोग उमड़े।
लुधियाना से आए तीर्थयात्रियों के दल के संदीप सिंह, मन्नत सिंह ने बताया कि रीठा साहिब का खूब नाम सुना था, लेकिन यहां आना पहली बार हुआ। संगत में आए 25 लोगों में से एक भी इससे पहले नहीं आया था। सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक जी के चरण रज से पवित्र इस धरती को खास तरह से नमन करने की चाहत थी।
इसके चलते उन्होंने गुरु के द्वार में पुष्प वर्षा का विचार बनाया। ये संगत अपने साथ ड्रोन लेकर आई, जिसे रिमोट के जरिए नियंत्रित किया गया। करीब 200 मीटर ऊंचाई से 20 किलो फूलों की वर्षा की गई। ये पूरा कार्यक्रम करीब 10 मिनट तक चला। गुरुद्वारे के प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने बताया कि इस तरह की पुष्पा वर्षा पहली बार हुई। पहली बार हुए इस तरह के नजारे को देखने के लिए आसपास के काफी लोग उमड़े। सोमवार शाम को लुधियाना से आया तीर्थयात्रियों का यह जत्था यहां से रवाना हो गया। दल का कहना है कि गुरु की इस नगरी को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के प्रयास किए जाएंगे।