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कूड़े के ढेर में लगी आग, चारों तरफ फैला धुआं

Tue, 07 May 2019 11:07 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत।
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चंपावत में खेतीखान रोड के पास कूड़े के ढेर में लगी आग से उठता धुंआ। - फोटो : अमर उजाला
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यहां से करीब चार किमी दूर खेतीखान मोटर मार्ग पर कूड़े के ढेर में आग लग गई। सोमवार रात किसी वक्त लगी आग से मंगलवार शाम तक चारों तरफ धुआं फैल गया। इसके चलते चंपावत-खेतीखान मोटर मार्ग पर आवाजाही करने वालों को समस्या झेलनी पड़ी। कुछ देर आवाजाही भी बाधित रही। आग से आसपास के जंगलों को भी खतरे का अंदेशा है। आग लगी है या लगाई गई है, यह पता नहीं चल सका है। नगर पालिका ने मंगलवार दोपहर बाद टैंकरों से पानी भेज आग बुझाने का प्रयास किया। खबर भेजे जाने तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। 

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ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होने से चंपावत शहर का कूड़ा यहां से चार किमी दूर खेतीखान रोड के किनारे फेंका जाता है। मंगलवार सुबह कूड़ा स्थल धुआं और धुंध से घिर गया। दो किमी से अधिक दूर तक फैले धुएं और धुंध से कुछ देर के लिए मार्ग बाधित भी रहा। कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध और तपिश के चलते लोगों को यहां से गुजरने में परेशानी हुई।

आग लगने से रोपा, सेलाखोला, रौखेत, नदोला, सर्किट हाउस क्षेत्र के आसपास के लोगों को मुख्य रूप से परेशानी झेलनी पड़ी। इधर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि कूड़े के ढेर में आग नगर पालिका ने नहीं लगाई है। ये काम किसी शरारती तत्व अथवा शराबी का हो सकता है। पहचान कर ऐसे शख्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ईओ का कहना है कि पालिका की ओर से मौके पर टैंकर भेजकर आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। 
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वन विभाग ने नगर पालिका को भेजा नोटिस 
चंपावत। चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी ने कूड़े के ढेर में लगी आग से वनों को नुकसान होने का अंदेशा जताया है। उन्होंने जल्द आग बुझाने का आदेश देते हुए नगर पालिका को नोटिस भेज जवाब-तलब किया है। साथ ही पूरे मामले की जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी कुबेर सिंह बिष्ट को दी गई है। डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि आग के धुएं और धुंध से हानिकारक गैसें निकलती हैं। तपिश की वजह से तापमान बढ़ने से आसपास के गांव के लोगों की आंखों में जलन और त्वचा के रोगों का खतरा बढ़ जाता है। 

- कूड़े के ढेर में आग लगी हो या लगाई गई हो, दोनों ही हालात में लोगों की दिक्कतें बढ़ी हैं। आसपास के जंगलों को खतरा बढ़ गया है। आग पर काबू पाने के साथ आगे से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। श्याम नारायण पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता 
-चंपावत शहर के कूड़े को खेतीखान रोड स्थित सेलाखोला वन पंचायत क्षेत्र में फेंका जा रहा है। यहां कूड़ा न फेंकने को लेकर कई बार नगर पालिका से आग्रह करने के साथ विरोध भी किया जा चुका है। अब कूड़े में आग लगने से हालात बिगड़ रहे हैं। कैलाश अधिकारी, सरपंच 
-कूड़े के ढेर में आग लगने से आवाजाही में तो परेशानी हो ही रही है अब तो सुबह की सैर में आने वाले लोगों के लिए भी मुसीबत बढ़ गईं हैं। कूड़े के ढेर में आग लगाने वालों का पता लगाकर उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। नारायण दत्त जोशी ललुवापानी। 

कूड़ा निस्तारण की ठोस कार्रवाई न होने पर मंडलायुक्त ने जताई नाराजगी
चंपावत। ग्रीष्मकालीन मौसम में मंडल भर में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की कोई ठोस कार्रवाई न होने पर कुमाऊं मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने नाराजगी जताई है। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्थानीय निकायों के प्रभारी अधिकारियों, नगर पालिका, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों की ओर से कूड़ा निस्तारण में रुचि न लेने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अनिवार्य रूप से भूमि के चयन को अंतिम रूप देने को कहा।

कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के ढलानों पर कूड़ा डालने से इसका स्वरूप ही खराब नहीं हो रहा है बल्कि पर्यटन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को वाहनों में कूड़े को खुले में न ढोने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी टीएस मर्तोलिया ने बताया कि जिले में दो नगरपालिका और दो नगर पंचायतें हैं जिसमें लगभग 12 हजार परिवारों और व्यवसायिक स्थानों से कैंटर, पिकप, टुकटुक आदि व्यवस्थाओं के माध्यम से कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंतर्गत वन विभाग से वार्ता कर भूमि के चयन को अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, ईओ चंपावत अभिवन कुमार, लोहाघाट कमलेश कुमार, टनकपुर व बनबसा केनोनी राम आदि उपस्थित रहे। 

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