चंपावत के रीठासाहिब क्षेत्र के जंगलों में लगी आग।
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जिले के विभिन्न स्थानों में वनाग्नि की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार की रात स्वांला और रीठासाहिब क्षेत्र के चीड़ के जंगलों में वनाग्नि सुलगती रही। शनिवार को कुछ समय के लिए बूंदाबांदी भी हुई लेकिन वह जंगलों में लगी आग को बुझाने में नाकाफी रही।
स्वांला के पास लगी आग पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों के सहयोग से काबू पाया। इसके अलावा रीठासाहिब क्षेत्र के परेवा, गोलडांडा, बिनवाल गांव आदि स्थानों में भी वनाग्नि के कारण चारों धुआं और धुंध फैली हुई है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्वारी गांव में आग से जले लुट्टे
थल (पिथौरागढ़)। जंगल की आग से ग्वारी गांव में घास के लुट्टे जलकर नष्ट हो गए हैं। शुक्रवार शाम जंगल में लगी आग आबादी वाले क्षेत्र में फैल गई। इससे ग्वारी गांव में प्रेम सिंह सामंत के घास के नौ लुट्टे जल कर नष्ट हो गए। बुखार से पीड़ित होने के कारण वह घर में सोये थे और उनकी पत्नी खेत में काम कर रही थी। इस कारण घटना का उन्हें पता नहीं चल पाया। प्रेम ने बताया कि घास के लुट्टे जलने से उन्हें 27हजार का नुकसान हुआ है। अब जानवरों के लिए चारे की दिक्कत हो गई है। उन्होंने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है। (संवाद)
जिले में 253 हो चुकी हैं आग की घटनाएं
पिथौरागढ़। जिले में 253 आग की घटनाओं ने वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है। जिले में हुई आग की घटनाओं से अब तक 475.40 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल चुका है। आग बुझाने में विभाग के फायर वाचरों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
शनिवार को एसडीओ नवीन पंत ने अस्कोट, धारचूला वन रेंजों में जाकर आग की घटनाओं की जायजा लिया। उन्होंने लोगों से जंगलों में आग नहीं लगाने की अपील की है। जिला मुख्यालय में शनिवार को आग की तीन घटनाओं की जानकारी वन विभाग को मिली। रेंजर डीसी जोशी ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद मौके पर टीम भेजकर आग बुझा दी गई। (संवाद)