चंपावत के मल्लीहाट में फल प्रसंस्करण केंद्र के भीतर सिलेंडर में लगी आग।
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उद्यान विभाग के फल प्रसंस्करण केंद्र में काम के दौरान एक सिलिंडर में आग लग गई जिससे बड़ा हादसा बच गया। प्रसंस्करण केंद्र के दो कर्मियों द्वारा हिम्मत दिखाते हुए सिलिंडर को खेत में फेंकने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने से कुछ देर तक अफरातफरी मच गई।
चंपावत के मल्लीहाट क्षेत्र में शंकर पुनेठा के लकड़ी के पुराने मकान में उद्यान विभाग का फल प्रसंस्करण केंद्र किराये पर चलता है। केंद्र के प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे जूस बनाने के लिए चीनी को गलाने के लिए गैस सिलिंडर जलाया गया। इसी बीच एकाएक आग धधकी और देखते ही देखते कमरे का बड़ा हिस्सा आग की लपटों से घिर गया।
आग धधकते देख बड़ी संख्या में आसपास के लोग एकत्र हो गए। केंद्र के दो कर्मी हरि राम और रमेश राम ने बहादुरी दिखाते हुए गैस सिलिंडर को पास में पड़ी सरिया की मदद से उठाकर पीछे खेत में फेंक दिया। बाद में सभासद रोहित बिष्ट और अन्य लोगों ने पानी की बौछारों से तुरंत ही आग पर काबू पा लिया। लोगों ने पुलिस और अग्निशमन को घटना की जानकारी दी, लेकिन उनके पहुंचने से पूर्व नागरिकों के प्रयासों से आग बुझा ली गई।
इस स्थान पर लकड़ी के पुराने मकान होने से तत्काल आग पर काबू न पाने से बड़ा हादसा हो सकता था। ेे1976 में चंपावत के मल्लीहाट में किराये के मकान में चलने वाला डाकघर भी जलकर खाक हुआ था।
चंपावत में नहीं है फायर स्टेशन
जिला मुख्यालय चंपावत में फायर स्टेशन नहीं होने से आग लगने पर बचाव के लिए 15 किलोमीटर दूर लोहाघाट के फायर स्टेशन पर आश्रित रहने की मजबूरी है। वहां से फायरबिग्रेड के आने पर 25 मिनट से अधिक का वक्त लग जाता है। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि परिक्षेत्रीय कार्यालय नैनीताल के माध्यम से अग्निशमन एवं आपात सेवा उत्तराखंड देहरादून के उप निदेशक को चंपावत में अग्निशमन केंद्र के लिए प्रस्ताव संस्तुति सहित भेजा गया है।