चंपावत। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बृहस्पतिवार को जिले में जंगल की आग बुझाने का मॉकड्रिल किया गया। इसके तहत कुलेठी, मंच मार्ग और धौन में आग लगाई गई। आग पर काबू पाने के लिए तत्काल तीन टीमों को मौके पर रवाना किया गया। धौन में घायल चार लोगों को रेस्क्यू किया गया।
दो लोगों का उपचार घटना स्थल पर हुआ जबकि दो घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। कुलेठी, मंच मार्ग, धौन इंटर कॉलेज के आसपास आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को आग लगने की सूचना पर राजस्व, चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस, आईटीबीपी, सेना, एसडीआरएफ के अधिकारी, आईआरएस के तहत चिह्नित स्टेजिंग एरिया गौरलचौड़ मैदान में जमा हुए।
ऑफीसर इंचार्ज एडीएम हेमंत वर्मा ने पिछले मॉकड्रिल में रह गई कमियों को इस मॉकड्रिल में दूर करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी टीमों में 15-15 लोगों को आग बुझाने की सामग्री, फर्स्टएड बॉक्स के साथ भेजा गया। एडीएम, एसपी रामचंद्र राजगुरु के नेतृत्व में आग पर नियंत्रण के लिए हुई मॉकड्रिल में अधिकारियों का रिस्पोंस टाइम बेहतरीन था।
तीनों घटनास्थलों में तहसीलदारों को टीम लीडर बनाया गया। प्रत्येक टीम में राजस्व विभाग के दो, लोनिवि के चार, वन विभाग के दो, आईटीबीपी, एसएसबी, सेना के तीन-तीन लोग आग बुझाने के यंत्रों के साथ विभिन्न स्थलों को रवाना किए गए। कुलेठी, मंच मार्ग, धौन में लगी आग में घायलों की चिकित्सा के लिए हेतु चिकित्सक सहित एंबुलेंस भी सूचना मिलते ही पहुंच गई थी।
रेडक्रॉस प्रभारी हेम बहुगुणा ने आपदा रेस्क्यू, एसडीआरएफ ने धौन में आग बुझाने, एक स्कूल की ओर बढ़ रही आग को बुझाकर वहां फंसे बच्चों को सकुशल निकाला। सभी स्थानों पर वन विभाग के रेंज ऑफीसर, कर्मचारी पूरी टीम, उपकरणों के साथ आए थे। मॉकड्रिल में एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, सीडीओ एचजी भट्ट, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, एसडीओ वन एमएस सेमिया, जिला क्रीड़ाधिकारी आरएस धामी, सीएमओ डॉ. डीएल शाह आदि थे।
चंपावत। मॉकड्रिल के पश्चात सभी तीनों टीमों ने स्टेजिंग एरिया गोरलचौड़ मैदान पहुंचकर अनुभव बताए। सभी टीमों की ओर से आपसी तालमेल के साथ बेहतर ढंग से कार्य को संपादित करने की बात कही गई। टीमों की ओर से वन विभाग का वायरलेस और कम्यूनिकेशन सिस्टम में और अधिक सुधार करने के लिए फीडबैक दिया।
चंपावत। सुबह नौ बजे से शुरू हुई मॉकड्रिल ढाई घंटे तक चलने के बाद 11:30 बजे खत्म हो गई लेकिन कुलेठी की नर्सरी में रेस्क्यू के दो घंटे बाद तक आग धधकती रही। रेंजर बृजमोहन टम्टा के अनुसार रेस्क्यू टीम ने आग तो बुझा दी थी, लेकिन जमीन में पिरूल का बुरादे में दबी आग फिर से सुलगने लगी, जिसे मॉकड्रिल के बाद जाकर बुझाया गया।