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Champawat News: तीन युद्धों के वीर सूबेदार हरिचंद को अंतिम विदाई, 84 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

Mon, 23 Mar 2026 11:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। भारत-चीन और पाकिस्तान के साथ तीन निर्णायक युद्धों के साक्षी रहे सेवानिवृत्त सूबेदार हरिचंद (84) का लंबी बीमारी के उपरांत निधन हो गया है। सोमवार को उन्हें बनबसा में शारदा तट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके पुत्र जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (चंदनी) के प्रधानाचार्य भूपेंद्र कुमार चंद ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
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सूबेदार हरिचंद के निधन से सैन्य समुदाय और स्थानीय निवासियों में गहरा शोक व्याप्त है। उनके जीवनकाल को देश की सेवा और शौर्य के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।

युद्धों में पराक्रम का इतिहास

बिचई गांव के निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार हरिचंद आर्मी ऑर्डिनेंस कोर में अपनी सेवाएं दे चुके थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में देश के तीन प्रमुख युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी-
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1962 का भारत-चीन युद्ध: इस युद्ध के दौरान उन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय दिया।

1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध: इस संघर्ष में भी उनकी भूमिका सराहनीय रही।



1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध: बांग्लादेश की मुक्ति के इस निर्णायक युद्ध में सूबेदार हरिचंद ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया।

श्रद्धांजलि सभाएं और सम्मान

सूबेदार हरिचंद के निधन पर गौरव सेनानी कल्याण समिति बनबसा टनकपुर के पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद ने उनके सैन्य जीवन और देश के प्रति समर्पण को याद किया।



इसके अतिरिक्त, जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी एक शोकसभा आयोजित की गई जिसमें उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष बहादुर सिंह पाटनी, प्रबंधक गणेश दत्त उपाध्याय, उपप्रबंधक प्रेम सिंह ज्याला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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