राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला अस्पताल में गोष्ठी
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चंपावत। डीएम डॉ. अहमद इकबाल के अनुसार महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग रहकर ही कन्या भ्रूण हत्या जैसी जटिल समस्या पर सरलता से अंकुश लगा सकती हैं। मंगलवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला अस्पताल में आयोजित गोष्ठी में डीएम ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों को जानने की अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध में अंतिम निर्णय मां का ही होता है। यदि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगी तो समाज में फैल रही कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाया जा सकता है।
डीएम ने कहा कि बालिकाओं, बालकों में बिना किसी भेदभाव किए आगे बढ़ने के लिए समान अवसर प्रदान करते हुए बालिकाओं के आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से विधानसभा चुनाव में वोट जरूर देने की अपील की। इस दौरान गोष्ठी में छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव पांडे, सीएमओ डॉ. डीएल शाह आदि ने भी विचार रखे। गोष्ठी का संचालन एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने किया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. केसी ठाकुर, सीएमएस डॉ. आरके जोशी, सीडीपीओ लक्ष्मी पंत, हेम बहुगुणा आदि थे।
चंपावत। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला अस्पताल में बालिकाओं में हिमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप की जांच की गई। साथ ही सरकारी अस्पतालों में बालिकाओं के जन्म लेने पर एनआरएचएम योजना से उपहार देने की व्यवस्था की भी मंगलवार को शुरुआत की गई। डीएम ने कन्या भ्रूण हत्या को हतोत्साहित करने के लिए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। दो दिन पूर्व जिला अस्पताल में जन्मी नवजात बच्ची के माता-पिता गंगा जोशी, चिंतामणि को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। आशा, एएनएम की ओर से बालिकाओं के महत्व, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए लघु नाटिका का मंचन किया गया।