टनकपुर (चंपावत)। पानी का संकट और ऊपर से नलकूप विभाग की नजरअंदाजी से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था लचर हो गई है। आमबाग, थ्वालखेड़ा, मनिहारगोठ समेत कई गांवों में लगे ट्यूबवेल खराब पड़े हैं और सिंचाई के अभाव में किसानों की फसल दम तोड़ रही है, लेकिन विभाग के अधिकारियों को किसानों को हो रहे नुकसान से कोई सरोकार नहीं है। परेशान किसानों ने सिंचाई व्यवस्था जल्द दुरुस्त नहीं करने पर आंदोलन की धमकी दी है।
क्षेत्र में फसलों की सिंचाई व्यवस्था नलकूप विभाग के ट्यूबवेलों पर आश्रित है, लेकिन विभाग का यहां न तो दफ्तर है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी की यहां स्थायी तैनाती है। यहां की सिंचाई व्यवस्था की देखरेख विभाग का हल्द्वानी डिवीजन करता है, जिसके चलते किसानों को अक्सर सिंचाई की समस्या झेलनी पड़ती है।
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, पूर्व ग्राम प्रधान कमला चंद, काश्तकार हर सिंह फर्त्याल, अर्जुन चंद, देव सिंह कठायत, भुवन कठायत आदि ने बताया कि ककरालीगेट के धोबीताल स्थित ट्यूबवेल संख्या टीजी 18 एक सप्ताह से खराब है।
विभाग के जेई को कई बार इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं थ्वालखेड़ा की सिंचाई व्यवस्था तीन साल से चरमराई है। ग्राम प्रधान सतीश पांडेय ने बताया कि वर्ष 2013 में आई आपदा में करीब एक किमी सिंचाई गूल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जो अब भी उसी हाल में है।