कर्ज माफी की मांग को लेकर जिलेभर के किसानों ने तहसील परिसर में एक दिवसीय उपवास रखा। किसानों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। मांगों के शीघ्र पूरा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन करायत के नेतृत्व में जिलेभर के किसानों ने तहसील परिसर पर ऋण माफी के लिए उपवास रखा। किसानों का कहना था कि राज्य सरकार को किसानों की कोई भी चिंता नहीं रह गई है। कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले किसानों से ऋण माफ करने का वायदा किया था, लेकिन सत्ता पाने के बावजूद सरकार किसानों की सुध तक नहीं ली जा सकी है।
लगातार अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखे के कारण खेती को हो रहे भारी नुकसान के चलते किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। बैंक और लोगों से लिया गया कर्ज न चुका पाने के चलते प्रदेश के कई किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए। किसानों ने सरकार से ऋण माफ करने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के उपाध्यक्ष चंद्र दत्त जोशी, कोषाध्यक्ष ललित मोहन खर्कवाल, एचडी पांडेय, रमेश चंद्र पांडेय, विजय सिंह, भीम सिंह, सुरेश चंद्र, दलीप सिंह, हरक सिंह सहित कई किसान उपवास पर बैठे।