जंगली जानवरों के बाद अब कुदरत भी किसानों पर कहर ढाने लगा है। क्षेत्र में अब पाले के प्रकोप ने किसानों की फसलों पर मार की है। लगातार गिर रहे पाले से किसानों की सब्जी की फसल खराब होती जा रही है। इस मौसम में किसान राई, पालक, मैथी, मूली आदि बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन अब पाले ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। पाले के चलते उनकी फसलें पीली होकर बर्बाद हो रही हैं।
उद्यान सचल दल प्रभारी भूपेंद्र प्रकाश जोशी का कहना है कि अत्यधिक पाला गिरने से फसल खराब हो रही है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि वे खेतों में नमी बनाए रखें। हर दूसरे-तीसरे दिन खेतों की सिंचाई करने के बाद निराई-गुड़ाई करें। उनका कहना है कि यदि जमीन शुष्क रहेगी तो पाले का अधिक प्रभाव पड़ेगा।
बलदेव राय की 40 हजार की फसल बर्बाद
रायनगर चौड़ी के प्रगतिशील किसान बलदेव राय का कहना है कि वे इस मौसम में 40 से 50 हजार रुपये की सब्जी बेचा करते थे। इस बार पाले के चलते उनकी फसल का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो गया है। इससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। पालक, मेथी, राई पाले की चपेट में आ गई है। उनका कहना है कि है इस वर्ष भारी पाला गिर रहा है। इससे फसल पीली पड़ रही है।
पत्तों के जलने से नहीं बिक पा रही सब्जियां
प्रगतिशील किसान गणेश दत्त का कहना है कि लगातार पड़ रहे पाले के कारण सब्जियां पीली पड़ रही हैं। पाले से जहां सब्जियों की बढ़त ठहर गई है। वहीं जो सब्जी थोड़ी बड़ी हुई है, उसके पत्ते पाले से जलने के कारण बिक्री नहीं हो पा रही है।