चंपावत नगर में बारिश के बाद प्लास्टिक का कट्टा सिर पर डाल कर जाता मजदूर। संवाद
चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर/बनबसा/। जिले में वसंत ऋतु के आगमन पर लंबे समय बाद हुई बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। कृषि और उद्यान विभाग के अनुसार यह बारिश गेहूं, मसूर और आलू की खेती के लिए फायदेमंद है। वर्तमान तक फसलों का 15 फीसदी नुकसान बारिश न होने से हुआ है। अब इस बारिश से फसलों में नया जीवन आने की आस है।
चंपावत नगर में सुबह धूप रही। करीब 10:30 बजे मौसम ने करवट बदली और बादल छाने के साथ तेज हवाएं भी चलने लगीं। करीब 12:30 बजे से पूरे नगर में बादल छाए रहे। करीब चार बजे मेघ जमकर बरसे और देर शाम तक बारिश जारी रही। ठंड के चलते लोग घरों में दुबके रहे। बारिश से बढ़ी ठंड से बचाव के लिए व्यापारी आग सेंकते नजर आए।
लोहाघाट बारिश के बाद ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार शाम होते ही हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश होने से बढ़ी ठंड के बाद लोहाघाट बाजार में सन्नाटा पसर गया। दोपहर का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस बारिश होने के बाद डिग्री सेल्सियस रहा। टनकपुर में शाम को हल्की बारिश होते ही जनजीवन प्रभावित हो गया। पिछले कुछ दिनों से दिन में धूप से ठंड से कुछ राहत मिल रही थी। बारिश होते ही फिर से गर्म कपड़े निकल आए और सर्दी का अहसास तेज हो गया। लोग घरों में आग सेंकते नजर आए। आमबाग के किसान दीपक पचौली ने बताया कि खेत में गेहूं की पौधों की सिंचाई इस बारिश ने पूरी कर दी है। क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 10 तो अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
कोट
बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। गेहूं और मसूर की फसल के लिए बारिश बहुत ही जरूरी थी। अब बारिश होने के बाद आलू की खेती के लिए भूमि तैयार हो गई है। बारिश के बाद अब पैदावार अच्छी होगी। - डी कुमार, कृषि अधिकारी, चंपावत।