उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला बुधवार को संपन्न हो गया। धाम के मुख्य प्रवेश द्वार ठुलीगाड़ कैंप कार्यालय में पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर ने मेले के समापन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति के बेहतर तालमेल से मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है।
उन्होंने आने वाले समय में आय के स्रोत बढ़ाकर श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मुहैया कराए जाने की जरूरत पर बल दिया। इस मौके पर व्यवस्था में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों के एक दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम नरेश दुर्गापाल और मेला अधिकारी एएमए शेर सिंह परगांई ने मेले के सफल आयोजन के लिए मंदिर समिति, पुलिस फोर्स और एसएसबी के अधिकारियों और जवानों के सहयोग की सराहना की।
होली के अगले दिन 25 मार्च से शुरू हुआ उत्तर भारत का सुविख्यात पूर्णागिरि मेला इस बार 83 दिनों तक चला। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम ने कहा कि मेले में काफी संख्या में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे और बगैर किसी परेशानी के देवी के दर्शन कर लौटे। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, पूर्णागिरि व्यापार मंडल अध्यक्ष पुजारी भुवन चंद्र पांडेय और टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने मेले को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन, पुलिस फोर्स, एसएसबी, जलसंस्थान, चिकित्सा विभाग की प्रशंसा की। संचालन जिला पंचायत के विजय उप्रेती ने किया।
इस मौके पर सुरक्षा नोडल अधिकारी सीओ आरएस रौतेला, एआरटीओ रश्मि भट्ट, कोतवाल वीसी शर्मा, जल संस्थान के जेई बीएस कुवार्बी, पार्किंग ठेकेदार आनंद सिंह महर, ठुलीगाड़ थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खड़ायत, भैरव मंदिर थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट, काली मंदिर थानाध्यक्ष विनोद जोशी आदि मौजूद थे।
पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर ने कहा कि सरकारी तौर पर मेला संपन्न हो गया है, लेकिन अभी काफी संख्या में यात्रियों की आवाजाही बने रहने से धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की आवक कम होने तक पूर्णागिरि में जरूरत के हिसाब से फोर्स तैनात रखा जाएगा।