टनकपुर (चंपावत)। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल और दैनिक कर्मचारियों के बीच विवाद के चलते शनिवार को कॉलेज से निकाले गए एक दैनिक कर्मचारी ने तनाव में विषाक्त पदार्थ गटक लिया। इलाज के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इधर घटना से प्रशासन में खलबली मच गई। भाजपा नेता निकाले गए कर्मचारियों के समर्थन में खड़े हो गए हैं। उन्होंने विवादित निदेशक को तुरंत हटाने की मांग की है।
इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल के साथ गेस्ट फैकल्टी अलप सिंह महर, दैनिक कर्मचारी तनुजा महर और मोहित गड़कोटी का एक माह से विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है लेकिन अब तक मामले में प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच कॉलेज के निदेशक डॉ. अग्रवाल ने तीनों कर्मचारियों को अनुशासनहीनता के आरोप में उनकी सेवा समाप्त कर दी है।
इससे नाराज निकाले गए कर्मचारियों ने तीन दिन के अंदर निदेशक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी दी है लेकिन इससे पहले ही शनिवार को तनाव के चलते कर्मचारी मोहित गड़कोटी ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्मदाह का प्रयास किया। मोहित के विषाक्त गटकने का पता चलते ही उसे फौरन उप जिला अस्पताल में लाया गया जहां इलाज के बाद डॉक्टर ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। इधर घटना का पता चलते ही प्रशासन के हाथ-पांच फूल गए। एसडीएम सुंदर सिंह, एसएसआई सुंदर सिंह के अलावा विधायक प्रतिनिधि दीपक चंद रजवार, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक, जिला महामंत्री पूरन सिंह महरा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह रावत आदि ने अस्पताल पहुंचकर और मोहित का हाल जाना।
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विधायक प्रतिनिधि और पूर्व पालिकाध्यक्ष में हुई नोकझोंक
इंजीनियरिंग कॉलेज से निकाले गए कर्मचारी के विषाक्त पदार्थ गटकने की घटना को लेकर अस्पताल में विधायक प्रतिनिधि दीपक चंद रजवार और पूर्व पालिकाध्यक्ष हर्षवर्धन रावत के बीच एसडीएम सुंदर सिंह और पुलिस अधिकारियों के सामने ही नोकझोंक हो गई। विषाक्त गटकने वाले कर्मचारी की ओर से दी गई जानकारी का हवाला देते हुए विधायक प्रतिनिधि दीपक ने पूर्व पालिकाध्यक्ष पर कॉलेज के निदेशक डॉ. अग्रवाल का पक्ष लेने का आरोप लगाया गया। इसे लेकर दोनों के बीच नोकझोंक हो गई। एसडीएम सुंदर सिंह ने बीचबचाव कर किसी तरह दोनों को शांत कराया। संवाद
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बेटे को देख अस्पताल में मां भी हुई बेहोश
टनकपुर (चंपावत)। विषाक्त पदार्थ के सेवन से जान देने की कोशिश करने वाले इंजीनियरिंग कॉलेज के निकाले गए कर्मचारी मोहित गड़कोटी की मां बेटे को अस्पताल में बेड पर लेटा देख सदमे में बेहोश हो गईं। चिकित्साधिकारी डॉ. आफताब आलम ने बताया कि इलाज के बाद मोहित की मां की हालत ठीक है। संवाद