चंपावत। अटल उत्कृष्ट जीआईसी चंपावत की सूरत अब बदलने लगी है। इस कॉलेज में पहली बार हिंदी के अलावा अंग्रेजी माध्यम से भी पढ़ाई शुरू हो गई है। इस कारण छह निजी विद्यालयों के 16 छात्र-छात्राओं ने भी जीआईसी की नौंवी कक्षा में प्रवेश लिया है। अब वहां छात्र संख्या भी 455 से बढ़कर 490 तक पहुंच गई है।
जीआईसी चंपावत को दो साल पहले अटल उत्कृष्ट विद्यालय घोषित किया गया। इसे वास्तव में उत्कृष्ट बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने एक साल से योजना बनाई। इस दौरान प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं के अलावा अभिभावकों को भी प्रेरित किया। अभिभावकों से भी शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मिले। इन सुझावों के क्रियान्वयन के अलावा स्कूल प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं के स्कूल से बाहर और घर की गतिविधियों की भी निगरानी की। इन सबके बेहतर नतीजे निकलने लगे हैं। अब धीरे-धीरे इसका असर दिख रहा है। इस सत्र से नौंवी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हो गई है। नौंवी कक्षा में पंजीकृत कुल 86 में से 30 विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ रहे हैं।
कम हैं एलटी के दो शिक्षक
चंपावत। जीआईसी चंपावत में एलटी संवर्ग में हिंदी और कला के दो शिक्षकों के पद खाली हैं जबकि प्रवक्ताओं के सभी पद भरे गए हैं। खाली पदों में से अंग्रेजी और वाणिज्य के प्रवक्ताओं का काम अतिथि शिक्षकों के सहारे चल रहा है। कनिष्ठ सहायक, स्वच्छक, चौकीदार, दफ्तरी, अनुसेवक के पद भी खाली हैं।
जीआईसी में पहली बार नौंवी कक्षा को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। इस साल नौंवी कक्षा के छात्र-छात्राओं को प्रवक्ता पढ़ाएंगे। कॉलेज में अनुशासन पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के साथ ही यहां से पढ़ने वालों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा समेत प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा। - उमेद सिंह बिष्ट, प्रधानाचार्य, जीआईसी, चंपावत।