सतीश जोशी सत्तू
चंपावत। जिले के अधिकांश सरकारी विभाग ऊर्जा निगम के 79 लाख रुपये पर कुंडली मारे बैठे हैं। सबसे अधिक शिक्षा विभाग को 13.93 लाख रुपये चुकाने हैं। दूसरे स्थान में स्वास्थ्य विभाग है जिसे 7.99 लाख और तीसरे स्थान में लोक निर्माण विभाग है जिसे 4.92 लाख चुकाने हैं।
जिले भर में 30 से अधिक विभागों पर ऊर्जा निगम के 79 लाख से अधिक की देनदारी है। सरकारी विभागों से बिजली बिलों के भुगतान की बकाया राशि वसूलने में ऊर्जा निगम के पसीने छूट रहे हैं। अब निगम की ओर से बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है जिसके तहत शत प्रतिशत धनराशि का भुगतान नहीं होने पर फरवरी से बकायेदारों के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद
किस विभाग पर कितनी देनदारी
विभाग बकाया (लाख रुपये में)
शिक्षा विभाग 19.93
स्वास्थ्य विभाग 7.99
राजस्व विभाग 3.75
लाेक निर्माण विभाग 4.92
पुलिस विभाग 2.71
दूरसंचार विभाग 2.40
वन विभाग 2.83
पशु चिकित्सा विभाग 2.10
समाज कल्याण विभाग 1.79
खंड विकास कार्यालय 1.60
खेल विभाग 1.07
पेयजल निगम 1.83
कोट
सभी संबंधित बकायेदार विभागों को वसूली का नोटिस जारी किया गया है। जल्द ही विभागों की ओर से धनराशि जमा नहीं की जाती है तो निगम की ओर से कनेक्शन काटने की प्रकिया शुरू की जाएगी। - वेगराज सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, चंपावत।