चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में लोहाघाट मास्टर प्लान 2041 और टनकपुर-बनबसा मास्टर प्लान 2043 की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कहा कि चंपावत और लोहाघाट को ट्विन सेटलमेंट के रूप में विकसित किया जाना है। जहां समावेशी विकास, पर्यावरणीय संतुलन, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
टनकपुर और बनबसा के लिए एकीकृत मास्टर प्लान बनाने पर भी चर्चा की गई। इससे दोनों क्षेत्रों में एकीकृत ढांचे के तहत योजनाओं का क्रियान्वयन हो और डुप्लीकेसी से बचा जा सके। उन्होंने कहा मास्टर प्लान को स्थानीय जरूरतों और क्षेत्रीय विशिष्टताओं के अनुरूप तैयार किया जाए।
योजना में पर्यटन सर्किट विकास, सीवर प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, एसटीपी, एफएसटीपी, रोड चौड़ीकरण, ड्रेनेज, लेगेसी वेस्ट निपटान, रिक्रिएशनल पार्क, बाढ़ न्यूनीकरण निराश्रित पशुओं के लिए सेवाएं, पब्लिक पार्क, रोजगार संसाधनों प्रमुख आवश्यकताओं को समाहित किया जाए।
डीएम ने कहा कि मास्टर प्लान में गोल्ज्यू कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर सहित वर्तमान में संचालित और प्रस्तावित परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की जाए। कहा कि चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर और बनबसा को एक मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरान एसडीएम अनुराग आर्य, लोहाघाट नितेश डांगर आदि मौजूद रहे।