पीपीपी मोड में संचालित अस्पताल में शुक्रवार को पांच युवकों ने आपातकालीन डाक्टर (ईएमओ) फरहत को लात-घूसों से मारकर जख्मी कर दिया है। डा.फरहत की ओर से पुलिस में घटना की नामजद रिपोर्ट कर सुरक्षा की मांग की गई है।
डाक्टर द्वारा दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पाटन गांव का गंगा सिंह पाटनी अपने साथ चार युवकों को लेकर उनके चैंबर में आकर मरीज देखने की बात कहने लगा। जैसे ही वे चैंबर से उठकर इमरजेंसी रूम में गए तो सभी ने उनका नाम पूछकर उन्हें लात घूसों से मारना शुरू कर दिया। जैसे तैसे उन्होंने अपनी जान बचाई। जिससे उनके शरीर में काफी चोटें आई हैं। इस घटना की जानकारी अस्पताल के प्रबंधक संजय सैनी को देने के बाद सभी डाक्टरों ने आपात बैठक की। जिसमें दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर अस्पताल में काम न करने का निर्णय लिया।
बैठक में ईएनटी सर्जन आयुष मित्तल, अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. अश्वनी, डा. सुपर्णा, डा.लोकेश जोशी ने डा.फरहत के साथ हुई इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में कोई भी डाक्टर काम नहीं कर सकता है। उन्होंने अपनी सुरक्षा की भी मांग की है। घायल डाक्टर का डाक्टर जितेंद्र जोशी ने मेडिकल कराया। थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 323, 324 तथा 504 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।