पूर्णागिरि मार्ग और जंगल से लगे गांवों में हाथियों का उत्पात दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। दो दिनों से हाथी ककरालीगेट और आमबाग गांव में उत्पात मचा रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात बस्तिया गांव में घुसे इकलौते हाथी ने भी खूब उत्पात मचाया और ग्रामीणों के फलदार पेड़-पौधों को तबाह किया है। ककरालीगेट में रात नौ बजे घुसे हाथियाें ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
दो दिन से ककरालीगेट और आमबाग गांव में हाथियों का झुंड लगातार दस्तक दे रहा है। मंगलवार रात करीब नौ बजे दो हाथियों का झुंड ककरालीगेट होता हुआ आमबाग तक पहुंचा। इस बीच रास्ते में हाथियों ने इंद्रबहादुर चंद, केदार पुनेठा, बसंत पुनेठा, राकेश मटियानी, भवेश चंद, केसरी चंद, अर्जुन चंद, पूर्व प्रधान कमला चंद, हरीश फर्त्याल आदि किसानों की सब्जी की फसल, गेहूं की फसल और फलदार पेड़ों को तहस-नहस कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। इधर, टनकपुर-चंपावत एनएच पर स्थित बस्तिया गांव में भी रात एक बजे से सुबह साढ़े चार बजे तक एक हाथी ने ग्रामीण हरी दत्त, गंगा दत्त जोशी, अंबा दत्त, नारायण दत्त के लीची एवं केले के पेड़ों को तहस-नहस किया है।