थ्वालखेड़ा में हाथी द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए आटा चक्की भवन का निरीक्षण रेंजर जी रजवार।
- फोटो : अमर उजाला
थ्वालखेड़ा गांव में हाथी ग्रामीणों के लिए आफत बन गए हैं। रविवार की रात फिर आए हाथी ने एक आटा चक्की का भवन क्षतिग्रस्त करने के साथ ही करीब आधा दर्जन किसानों की सात बीघा धान की फसल रौंद कर नष्ट कर दी। आए दिन हाथी की दस्तक से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। गांव में चल रही रामलीला देखने जाने में भी ग्रामीण डर रहे हैं।
क्षेत्र में वन्यजीवों का खौफ कम नहीं हो रहा है। जंगल से लगे पूर्णागिरि मार्ग के अलावा ककरालीगेट, आमबाग, विचई और छीनीगोठ गांव में कभी हाथी तो कभी तेंदुए के आने का खतरा बना रहता है। रविवार रात को थ्वालखेड़ा में गांव में हाथी ने जगदीश सिंह रैशवाल की आटा चक्की में हमला कर चक्की का भवन क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्राम प्रधान सतीश पांडेय ने बताया कि चक्की क्षतिग्रस्त करने के बाद हाथी ने हीरा सिंह महर, नाथ सिंह महर, इंद्रदेव भट्ट, मदन अधिकारी और पूरन चंद्र पांडेय की करीब सात बीघा धान की फसल नष्ट कर दी। इधर, सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी जी रजवार ने घटना स्थल का मुआयना कर क्षति का आकलन किया। उन्होंने ग्रामीणों को रात्रि गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है। ब्यूरोे