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बैंक से कर्ज पाने के लिए डीएम कार्यालय में धरना देंगे बुजुर्ग ग्रामीण

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बगौटी गांव के मोहन चंद्र पांडेय। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। बैंक और प्रशासनिक अमले का दावा स्वरोजगार के लिए आसानी से कर्ज मुहैय्या कराने का है, लेकिन हकीकत यह है कि कर्ज नहीं मिलने पर धरने की धमकी देने की नौबत आ रही है। नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र के बगौटी गांव के एक बुजुर्ग ग्रामीण ने दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना में चयनित होने के बावजूद बैंक से कर्ज नहीं मिलने पर अब 11 जनवरी से कलक्ट्रेट में धरना देने की चेतावनी दी है। इस संबंध में उन्होंने डीएम को पत्र भेजा है।
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बगोटी गांव के मोहन चंद्र पांडेय का कहना है कि पर्यटन विभाग की ओर से चयन होने के बावजूद उन्हें एसबीआई की पुलहिंडोला शाखा से 10 लाख रुपये का कर्ज नहीं मिल पा रहा है। जबकि वे इसके लिए गारंटर सहित सभी प्रक्रिया पूरी करने के लिए तैयार है। एसबीआई के रिटेल एसेट क्रेडिट सेंटर के मुख्य प्रबंधक जनार्दन चिलकोटी का कहना है कि होम स्टे योजना वाले स्थल का मुआयना करने के बाद कर्ज नहीं देने का बैंक ने निर्णय लिया। बगौटी में इस योजना के कामयाब होने की संभावना कम होने से ये फैसला लिया गया है।
जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट ने बताया कि होम स्टे योजना के तहत जिले में अब तक 85 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से छह लोगों को नए निर्माण और दुबारा निर्माण के लिए 134.24 लाख रुपये का कर्ज दिया मिला है।
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80 प्रतिशत लोगों को नहीं मिल पा रहा कर्ज
चंपावत। कोरोना काल में स्वरोजगार देने और पलायन रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार सहित कई योजनाएं शुरू की हैं। लेकिन पलायन की रोकथाम करने वाली इन योजनाओं में साक्षात्कार के बाद चयनित होने वाले 80 प्रतिशत लोगों को कर्ज के लिए जूझना पड़ रहा है। चंपावत जिले में 501 लोगों के आवेदन बैंकों को भेजे जाने के बावजूद सिर्फ 103 लोगों को ही बैंक की ओर से वित्तीय स्वीकृति मिली है।
कोरोना काल में करीब 27 हजार प्रवासी चंपावत जिले में लौटे। इनमें दो हजार से अधिक लोग मनरेगा में काम कर रहे हैं। अब तक 1107 लोगों ने स्वरोजगार योजना के लिए आवेदन किया। परीक्षण के आधार पर चयन समिति ने इनमें से 501 लोगों के आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें से अभी तक 103 को ही मंजूरी मिली है। इधर लीड बैंक प्रबंधक एके जोशी का कहना है कि वित्त पोषण की मंजूरी से पूर्व बैंक सर्वे करता है। सर्वे की इस रिपोर्ट के आधार पर कर्ज देने का फैसला होता है।
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