डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे चंपावत जिले में इस सप्ताह आठ डॉक्टर भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ एक ने यहां कार्यभार ग्रहण किया है। सात डॉक्टरों के कार्यभार ग्रहण करने का इंतजार है। विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के प्रयासों सबसे ज्यादा छह डॉक्टरों को लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया है। इसके चलते इस अस्पताल की व्यवस्था पटरी पर आने की लोगों को आस जगी है। वहीं टनकपुर के संयुक्त अस्पताल व चंपावत के जिला अस्पताल के हालात में खास फर्क नहीं पड़ा है। जिला अस्पताल में एक भी इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) नहीं होने से परेशानी बढ़ी है।
लोहाघाट सीएचसी में रेडियोलोजिस्ट, अस्थि रोग विशेषज्ञ, सर्जन सहित कुल छह डॉक्टरों को भेजा गया है। इन डॉक्टरों के पहुंचने पर यहां 10 डॉक्टर हो जाएंगे। वहीं चंपावत जिला अस्पताल में दो डॉक्टरों को भेजने के आदेश किए गए हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी ने बताया कि सितारगंज से अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.एचएस ऐरी व ऋषिकेश से फिजीशियन डा.एमके सैनी को यहां भेजा गया है। जबकि जिला अस्पताल के निश्चेतक डा.पीके ठाकुर को खटीमा भेजा गया है। फिलहाल उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है। आठ डॉक्टरों में से महज एक लोहाघाट के रेडियोलोजिस्ट ने ही अभी कार्यभार ग्रहण किया है।
इधर जिला अस्पताल में 26 में से महज 9 ही डॉक्टर तैनात हैं। लेकिन यहां फिजीशियन, वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञ सहित 17 डॉक्टरों की कमी है। सबसे ज्यादा परेशानी तीन में से एक भी ईएमओ की तैनाती न होना है। इसी तरह जिले के मैदानी क्षेत्र के सबसे बड़े अस्पताल टनकपुर में भी महज तीन डॉक्टर हैं।
जुलाई से लोहाघाट में हो सकेंगे अल्ट्रासाउंड
लोहाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लंबे समय से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। अल्ट्रासाउंड जैसा जरूरी परीक्षण नहीं होने से लोगों को भारी असुविधा के साथ ही निजी अस्पताल में परीक्षण कराने से जेब भी कटती है। मगर अब जल्द ही इस स्थिति से निजात मिल जाएगी। लोहाघाट अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ.ललित मोहन रिखोलिया ने शुक्रवार को अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अलबत्ता सात दिन के स्थानांतरण अवकाश के बाद यहां अल्ट्रासाउंड होना शुरू हो जाएंगे।
जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है। 94 डॉक्टरों में से करीब 50 प्रतिशत पद खाली है। करीब 8 नए डॉक्टरों के यहां से स्थानांतरण के आदेश हुए हैं। अभी एक ने ही कार्यभार ग्रहण किया है। जिला अस्पताल के अलावा जिले के प्रमुख अस्पतालों की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए डॉक्टरों की तैनाती करने के प्रयास किए जाएंगे।
डॉ.एमएस बोहरा
मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।