बनबसा (चंपावत)। कभी बनबसा में शिक्षा के लिए अग्रणी मानो जाने वाला शारदा इंटर काॅलेज शिक्षकों की कमी और आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। स्कूल में मात्र दो एलटी और एक राजकीय मानदेय प्राप्त शिक्षक हैं। संस्थागत इस विद्यालय के दस अन्य शिक्षकों के मानदेय का भुगतान बच्चों की फीस से किया जाता है।
कभी शिक्षा के लिए अग्रणी माने जाने वाला शारदा इंटर काॅलेज कई समस्याओं से गुजर रहा है। एक प्रधानाचार्य और दस एलटी शिक्षकों की तैनाती वाले स्कूल में सेवानिवृत्ति के बाद अब दो एलटी शिक्षक रह गए है। जिनमें से एक प्रधानाचार्य हैं। कभी सर्वाधिक छात्र संख्या वाले इस विद्यालय में अब 225 की छात्र संख्या है। इस स्कूल में करीब 90 प्रतिशत छात्र एससी, ओबीसी वर्ग के हैं। नियमित शिक्षकों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई। प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार से केवल नियमित शिक्षकों के वेतन का भुगतान होता है।
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हैं संस्थापक प्रधानाचार्य
बनबसा (चंपावत)। शारदा इंटर काॅलेज के सेवानिवृत्त संस्थापक प्रधानाचार्य बंशीधर उपाध्याय को राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है। वह अपने कार्यकाल तक जिला स्काउट कमिश्नर भी रहे।