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शिक्षा प्रेरकों ने बकाया मानदेय को लेकर किया प्रदर्शन

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चंपावत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते साक्षरता प्रेरक। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत बीएलओ पद में कार्य कर चुके शिक्षा प्रेरकों ने 14 माह के बकाया मानदेय को लेकर बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने एडीएम टीएस मर्तोलिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर वर्तमान में बेरोजगार हो चुके शिक्षा प्रेरकों को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में समायोजित करने की मांग उठाई है।
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प्रेरकों की ओर से दिए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2010 में प्रेरकों की नियुक्ति ग्राम पंचायतों में खोले गए लोक शिक्षा केंद्रों में निरक्षरों को साक्षर करने के लिए की गई थी। इस दौरान उन्हें तीन हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था। इसके साथ ही प्रेरकों से जनधन खाते खुलवाने, बाल गणना, आर्थिक गणना एवं बीएलओ आदि कार्य लिए गए। लेकिन सरकार ने 30 सितंबर 2017 को शिक्षा प्रेरकों की सेवाएं समाप्त कर दी। इस दौरान प्रेरकों को 14 माह के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षा प्रेरकों के सामने बेरोजगारी का संकट एवं आर्थिक संकट पैदा हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में संजय चौड़ाकोटी, नवीन चंद्र जोशी, रमेश चंद्र कापड़ी, मोहन राम, राजेंद्र प्रसाद, सुनील प्रसाद, गंगा गिरी गोस्वामी, शंकर राम, राजेश पांडेय, राजू खर्कवाल, राकेश पांडेय, तारा सिंह, प्रकाश राम, नारायण दत्त जोशी, पुष्कर दत्त, दीप चंद्र आदि शामिल रहे।
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