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दोनों बेटे विदेश में, घर की जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं बुजुर्ग शर्मा

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चंपावत में अपने आवास में बागवानी करते स्क्वड्रन लीडर एमसी शर्मा। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। 79 वर्ष की उम्र में भी स्क्वाड्रन लीडर एमसी शर्मा का जोश किसी नौजवान से कम नहीं है। दोनों बेटे विदेश में उच्च पदों पर हैं। इसके चलते घर से लेकर बाहर तक की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
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स्क्वाड्रन लीडर शर्मा दो दशक पहले वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए। बड़े बेटे राजेश शर्मा मलयेशिया और छोटे बेटे संजय शर्मा लंबे समय से जर्मनी में हैं। बेटों के दूर रहने से नाती-पोतों के साथ वक्त बिताने का अवसर नहीं मिल पाता है। कहते हैं कि बेटे-बहुएं दूर होने के बावजूद फोन पर हर रोज उनके हालचाल जानते हैं। पूरी तरह फिट स्क्वाड्रन लीडर शर्मा अपने घर की तमाम व्यवस्थाओं को अकेले संभाल रहे हैं। कहते हैं कि बागवानी और बाहर घूमना उनका शौक है। शेष वक्त में किताब व अखबार पढ़ते हैं। बागवानी के जरिये वे खुद को सेहतमंद रखते हैं। स्क्वाड्रन लीडर शर्मा कहते हैं कि वे अब तक के अपने जीवन से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
अनुशासन और संयम बना 98 साल के कैप्टन सामंत की सेहत का राज
लोहाघाट (चंपावत)। कैप्टन करम सिंह सामंत 98 साल में भी सेहतमंद हैं। खुद ही तमाम दैनिक क्रियाकलाप करते हैं, बरामदे में टहलते हैं और नाती-पोतों को आगे बढ़ने की नसीहत भी देते हैं। यह सब उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। और ये सब वे इसलिए कर पा रहे हैं कि उन्होंने जिंदगी में कभी अनुशासन और संयम को नहीं छोड़ा।
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बीस साल से अधिक समय तक फौज में सेवा करने और 1948 में कबाइली हमले में बहादुरी से मोर्चा लेने वाले कैप्टन सामंत ने 1962 में चीन से जंग में भी हिम्मत से हिस्सा लिया। अदम्य साहस का परिचय देने पर 1950 में वीरचक्र से भी नवाजा गया। 1969 में सेवानिवृत्त होने के बाद के 51 साल भी वे पूरी तरह अनुशासित तरीके से बिता रहे हैं। नाती-पोतों को पढ़ाने के लिए निडिल गांव के बजाय लोहाघाट में रह रहे हैं। घर की देखरेख भी उन्हीं के जिम्मे है। अपने जमाने में नामी फुटबॉल के खिलाड़ी रहे करम सिंह सामंत अपने पोतों सहित अन्य युवाओं को भी खेलने के लिए मैदान में भेजते हैं। कहते हैं कि व्यसन से दूरी, संतुलित खानपान, खेल व व्यायाम ने उन्हें न केवल लंबी जिंदगी दी, बल्कि बीमारी से भी बचाया।
नहीं है जिले में एक भी वृद्धावस्था आश्रम
चंपावत जिले में 60 साल से अधिक उम्र के 26307 लोग हैं। समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन लेने वालों की तादात ही 13499 है। इसके अलावा करीब साढ़े चार हजार पेंशनर्स हैं। लेकिन अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिले में एक भी वृद्धावस्था आश्रम नहीं है।
पिथौरागढ़ में 20532 बुजुर्गों को दिया जा रहा है पेंशन का लाभ
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में 20532 बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से बुजुर्गों को प्रतिमाह 1200 रुपये पेंशन दी जा रही है। समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लक्ष्मण सिंह मनौला ने बताया कि जिले में एक भी वृद्धावस्था आश्रम नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत वृद्धावस्था पेंशनधारियों के खातों में सितंबर तक की पेंशन डाल दी है। उन्होंने समाज कल्याण के सभी पेंशनधारियों से जीवित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड कार्यालय में जमा कराने को कहा है।
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