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कमाई 2563 रुपये की, डीजल लग गया चार हजार का

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चंपावत/लोहाघाट। पूरे 102 दिन बाद आखिरी रोडवेज बस के पहिये घूमे। 22 मार्च से बंद रोडवेज के लोहाघाट डिपो की एक बस शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन चली लेकिन दोनों ही दिन बस में सवारियों का जबर्दस्त टोटा रहा। पहले दिन तो हाल यह था लौटा-फेरी में कुल 11 सवारियां मिलीं, 2563 रुपये टिकट के रूप मेें आए, जबकि चार हजार रुपये का डीजल लग गया।
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25 जून से लोहाघाट डिपो की दो बसों (एक नैनीताल व दूसरी हल्द्वानी) को चलाने के निगम मुख्यालय से आदेश जारी हुए। यात्री नहीं मिलने के कारण सात दिन तक बस नहीं चल सकी। बृहस्पतिवार को पहली बार बस का पहिया घूमा। लोहाघाट-हल्द्वानी बस सेवा को टनकपुर तक की पांच सवारी में ही चलाया गया। शुक्रवार को यह बस छह सवारी के साथ लौटी। 34 सीटर इस बस में लौटा-फेरी में कुल 11 सवारी ही मिली। वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी बीसी आर्या बताते हैं कि टिकट से मिली राशि से करीब डेढ़ हजार रुपये अधिक का डीजल लग गया। अलबत्ता शुक्रवार को भी हल्द्वानी तक एक बस चलाई गई। इस बस मेें भी लोहाघाट से एक सवारी और चंपावत से तीन सवारी मिली।
कोट
एक सप्ताह तक आवाजाही नहीं होने की वजह से बस को कम सवारियों में भी चलाया गया। कम सवारी के बावजूद बस को ट्रायल के तौर पर चलाया जा रहा है। अगर लोहाघाट से टनकपुर के बीच रास्ते की सवारी मिली, तो बस को आगे चलाया जाएगा। अन्यथा इस पर दोबारा से विचार किया जाएगा। - राजेंद्र कुमार, सहायक मंडलीय प्रबंधक, रोडवेज, लोहाघाट।
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