नेपाल में दशहरा धूमधाम से मनाने का सीमावर्ती बनबसा बाजार के कारोबार पर असर देखा गया। नेपाली ग्राहकों के बनबसा नहीं आने से यहां बाजार की रौनक फीकी रही। व्यापार मंडल द्वारा बुधवार को बनबसा बाजार में होने वाली साप्ताहिक बंदी त्योहार तक टालने के बावजूद बाजार में नेपाली ग्राहक नहीं दिखाई दिए।
नेपाल में दशहरा सबसे बड़े पर्व के रूप में मनाया जाता है। नवमी से ही बलि देने के साथ ही जश्न मनाया जाता है। बता दें कि दशहरे पर्व पर नेपाल में पांच दिनों तक पूजा-अर्चना के साथ ही बकरों (खस्सी) की बलि दी जाती है। नेपाल वासियों के जश्न में सराबोर होने से उनका भारत आना खासा कम हो जाता है, जिसका असर बनबसा बाजार के कारोबार पर पड़ता है। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि दशहरे पर नेपाल से होने वाला व्यापार खासा प्रभावित रहेगा।
इमिग्रेशन चेकपोस्ट अधिकारी राम प्रसाद टम्टा ने बताया कि सोमवार तक भारत से प्रतिदिन चार से पांच हजार प्रवासी नेपाली नागरिक वतन लौट रहे थे, मंगलवार से उनकी संख्या में खासी गिरावट आई है। बुधवार को करीब सात सौ प्रवासी नेपाली वतन लौटे, जबकि चार सौ के करीब नेपाली नागरिकों ने भारत का रुख किया।