टनकपुर से पिथौरागढ़ तक बनाई जा रही 150 किलोमीटर (ऑलवैदर) बारहमासी सड़क का छह किमी हिस्सा डूब क्षेत्र में आ रहा है। सड़क के छह किमी के इस हिस्से में 63.36 करोड़ की लागत से बनाई जा रही जा रही बारहमासी सड़क बांध बनने के बाद पानी में डूब जाएगी। इसके डूब क्षेत्र में होने की जानकारी होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इसका निर्माण किया जा रहा है।
टनकपुर से पिथौरागढ़ तक 150 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को बारहमासी (ऑलवैदर) सड़क में बदलने का कार्य तेजी से चल रहा है। 150 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बारहमासी में बदलने के लिए 1626.84 करोड़ रुपये की स्वीकृत हुए हैं। इस हिसाब से एक किमी बारहमासी सड़क के निर्माण में करीब 10.56 करोड़ रुपये खर्च आ रहा है, लेकिन टनकपुर से पिथौरागढ़ तक की 150 किमी लंबी सड़क में किमी 117 से 123 तक हिस्सा पंचेश्वर बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रहा है। जो घाट पुल से तीन किमी लोहाघाट की तरफ, पुल से तीन किमी पिथौरागढ़ की तरफ का है। सड़क के इस हिस्से के डूब क्षेत्र में होने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी है। इसके बाद भी विभाग की ओर से सड़क के इस हिस्से को बारहमासी में बदलने के लिए करीब 63.36 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि बांध बनने तक इस सड़क का उपयोग बिना बारहमासी में तब्दील किए भी किया जा सकता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार डीपीआर के अनुसार संभावित डूब क्षेत्र में भी पूर्ण मानकों के अनुसार बारहमासी सड़क का निर्माण किया जाएगा। चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की ओर से टनकपुर से घाट तक तथा पिथौरागढ़ राजमार्ग खंड की ओर से घाट से पिथौरागढ़ तक बारहमासी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
चंपावत और लोहाघाट में बाइपास की मंजूरी से राहत
चंपावत। बारहमासी सड़क के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चंपावत और लोहाघाट में बाइपास की मंजूरी दिए जाने से सैकड़ों भवन स्वामियों ने राहत की सांस ली है। बाइपास मंजूर न होने की सूरत में अकेले चंपावत जिला मुख्यालय में ही दो सौ से अधिक मकानों के टूटने का अंदेशा था। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार चंपावत और लोहाघाट में बाइपास सड़क का समरेखण तय कर लिया गया है। पेड़ों के कटान के बाद जल्द ही बाइपास का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगी बारहमासी सड़क
चंपावत। आपदा प्रबंधन और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार बारहमासी सड़क बनने से जहां क्षेत्र में पर्यटन विकास को पंख लगेंगे, वहीं आपदा प्रबंधन को भी बल मिलेगा। डीएम डा.अहमद इकबाल के अनुसार बारहमासी सड़क प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के निर्माण में सहायक होने के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।