लंबे समय से बारिश न होने से लोहाघाट क्षेत्र में बंजर पड़े खेत।
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लोहाघाट (चंपावत)। लंबे समय से बारिश नहीं होने से किसानों के खेत बंजर पड़ने की कगार पर हैं। किसान बारिश के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। बारिश नहीं होने के कारण ज्यादातर किसानों ने अभी तक गेहूं की बुआई तक नहीं की है, जिन्होंने गेहूं की बुआई की भी है तो वह पानी के अभाव में जमे नहीं हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण किसानों की निर्भरता बारिश पर ही टिकी रहती है। पर इस बार सितंबर से बारिश नहीं होने के कारण सूखा पड़ने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि विगत दो वर्षों से समय से बारिश न होने के कारण उनकी गेहूूं की फसल चौपट हो रही है।
बारिश होने की उम्मीद में गेहूं की फसल और पशुचारे की बुआई की थी पर लंबे समय से बारिश न होने से खेत बंजर पड़े हैं। गेहूं की फसल होना मुश्किल लग रहा है।
दिनेश बगौली, फोर्ती
जैसे तैसे कर खेतों में गेहूं और साग सब्जी की बुआई की थी, बारिश न होने से वह जम भी नहीं पा रहे हैं। ऐसे हालातों में परिवार का गुजर बसर करना मुश्किल हो रहा है।
बलदेव राय, चौड़ी
बारिश के इंतजार में गेहूं की बुआई का समय निकलता जा रहा है। अभी तक बारिश नहीं होने से खेत बंजर पड़े हैं। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
शंकर दत्त पांडेय, मड़ पसौली
लंबे समय से बारिश नहीं होने से किसान खेतों में गेहूं आदि की फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। खेत बंजर पड़े हुए हैं। किसान काफी परेशान हैं, गेहूं की बुआई न होने से किसानों के सामने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
लाल सिंह पुजारी, मड़ पसौली