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जीआईसी डांडा के परीक्षार्थियों के सामने दोहरी चुनौती

Fri, 19 Jan 2018 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
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बोर्ड परीक्षा का चौड़ामेहता का परीक्षा केंद्र, जिसमें चौड़ामेहता के अलावा दूरदराज के तीन स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी परीक्षा देंगे - फोटो : अमर उजाला
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 बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सर्व शिक्षा अभियान जैसे नारों के साथ सबको सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के दावों की हकीकत ये है कि डांडा, ककनई और बुड़म गांव के 46 छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा के लिए अपने स्कूल से 52 किलोमीटर दूर टनकपुर के परीक्षा केंद्र की दौड़ लगानी पड़ेगी। इस दूरी में 25 किमी सड़क मार्ग के अलावा 27 किमी पैदल फासला भी शामिल है। घर से प्रतिदिन इतनी दूर जाना संभव नहीं सो परीक्षा अवधि में इन बच्चों को टनकपुर में किराए के कमरों में रहना पड़ेगा। 
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डांडा राजकीय इंटर कॉलेज के 12 छात्र-छात्राएं टनकपुर जीजीआईसी में और हाइस्कूल के 34 छात्र-छात्राएं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमबाग में बोर्ड परीक्षा देंगे। अभिभावक नवीन सिंह, प्रेम सिंह, श्याम आदि का कहना है कि परीक्षा में टनकपुर में किराये में कमरा, भोजन आदि पर करीब चार हजार से पांच हजार रुपये खर्च हो जाता है। नई जगह व्यवस्थित होने में दिक्कत के चलते पढ़ाई और परीक्षा परिणाम भी प्रभावित होगा।  
टांण राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के हाइस्कूल के 32 छात्र-छात्राएं करीब 13 किमी दूर चौड़ा मेहता में परीक्षा देते हैं। छात्रा अर्पणा जोशी, पूजा गड़कोटी, पुष्पा बुरांठी, दीपक सिंह, मनोज गड़कोटी, प्रदीप सिंह आदि कहना है कि दूर के केंद्र में परीक्षा देने व रहने की ठीक व्यवस्था नहीं होने का असर उनके परीक्षा परिणाम पर पड़ता है।
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अभिभावक संघ गुणानंद गड़कोटी, रमेश गड़कोटी, भवान सिंह का कहना है कि ज्यादातर छात्र-छात्राएं चौड़ामेहता (रीठा साहिब) में किराये में कमरा लेकर रहते हैं। मछियाड़ के छात्रों को 10 किमी व बिनवालगांव के परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा केंद्र रीठा साहिब पहुंचने के लिए 16 किमी का फासला तय करना पड़ता है।इसके अलावा खटोली के छात्रों को 20 किमी दूर अमोड़ी, दियूरी व चल्थी के छात्र 10 किमी दूर अमोड़ी, दुबचौड़ा के छात्र 15 किमी दूर भिंगराड़ा, विविल के परीक्षार्थी 15 किमी दूर पुलहिंडोला परीक्षा देने को मजबूर हैं। जिले में करीब 35 प्रतिशत परीक्षार्थियों के लिए फर्नीचर भी नहीं है।

कोट
डांडा जीआईसी को बोर्ड का परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्ताव नहीं मिला था। विधिसम्मत प्रस्ताव मिलने पर 2019 की बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालय की छात्र संख्या 75 से कम होने पर आसपास के विद्यालयों को इसमें शामिल किया जा सकता है।
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- आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।


 
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