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ननिहाल गई किशोरी तालाब में डूबी, मौत

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लॉकडाउन के चलते परिजनों के साथ अपने गांव आई ​दिल्ली निवासी रितिका बोहरा की तालाब में डूबने से मौत - फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से अपने ननिहाल बंदेलाढेक गांव गई एक किशोरी की नहाते समय तालाब में डूबने से मौत हो गई। किशोरी को बचाने के लिए तालाब में डूबी तीन अन्य बालिकाओं को गांव के लोगों ने बचा लिया, मगर 15 साल की इस किशोरी को नहीं बचाया जा सका। इस घटना के बाद परिवार और गांव में कोहराम मच गया। किशोरी माता-पिता बदहवाश हैं। पंचनामा और पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया।
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खूना बलांई के रहने वाले पान सिंह दिल्ली में नौकरी करते थे। कोरोना के चलते वे परिवार के साथ अपने गांव आए हुए थे। कुछ दिन पहले उनकी 15 साल की बेटी रितिका बोहरा माता-पिता के साथ बंदेलाढेक गांव में नाना राम सिंह ढेक के यहां गई हुई थी। रितिका रविवार दोपहर अपनी सहेली मोनिका, प्रियांशी, काजल, हरू , सानिया और आंचल के साथ घर से कुछ दूरी पर बिशुंगद्वार के पास जोगीमणि तालाब में नहाने गई।
नहाते वक्त रितिका भंवर में फंस गई। उसे डूबता देख हरू, सानिया और आंचल उसे बचाने को तालाब में कूद गईं। ये तीनों भी डूबने लगी तो साथ गई अन्य बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों ने किसी तरह सभी को तालाब से बाहर निकाला और लोहाघाट अस्पताल लाए। एमएस डॉ. जुनैद कमर ने बताया कि रितिका की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि तीन बच्चियों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। दरोगा बबीता ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद रितिका के शव परिजनों को सौंपा गया। शाम को स्थानीय श्मशान घाट में गमगीन माहौल में रितिका का अंतिम संस्कार किया गया।
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