एआरटीओ ने संविद चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त करने के विरोध में बुधवार को रोडवेज के संविदा चालक-परिचालक सड़क पर उतर आए। उन्होंने वर्कशॉप गेट पर प्रदर्शन कर लाइसेंस निरस्त करने के आदेश को रद्द करने की मांग उठाई। आरएम पवन महरा ने कर्मचारी नेताओं से फोन पर वार्ता कर मामले का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया है।
आरटीओ ने वाहन चेकिंग के दौरान टनकपुर डीपो की बस (यूके 07 पीए/1267) का तेज गति पर चालान कर संविदा चालक गणेश सिंह का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त किया है, जिस कारण रोडवेज प्रबंधन अब उसे ड्यूटी पर नहीं रख रहा है। पीड़ित चालक का कहना है कि रोडवेज की अधिकांश बसों में या तो मीटर नहीं लगे हैं और लगे भी हैं तो खराब है, जिस कारण गाड़ी की स्पीड का पता नहीं चल पाता है।
रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही और एआरटीओ की कार्रवाई से पीड़ित चालक के समक्ष पैदा हुए रोजी-रोटी के संकट से अब रोडवेज के संविदा चालक-परिचालक पीड़ित चालक के समर्थन में उतर आए हैं।
उनका कहना है कि या तो लाइसेंस निरस्त करने का आदेश रद्द कर पीड़ित चालक को ड्यूटी पर लिया जाए या फिर रोडवेज प्रबंधन बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी काम लेकर उसकी सेवा को बहाल रखे। प्रदर्शन मेें नीरज सिंह, मनोहर सिंह, सुनील चंद, दरबान राम, नीरज सिंह, धन गिरी, राजेंद्र कुमार, हर्ष बहादुर, सुखविंदर सिंह सोनी, निर्मल सिंह, वीर सिंह राणा, गणेश, हरीश जोशी, रवि शर्मा, आदि शामिल थे।
टनकपुर डिपो के संविदा चालक का ड्राइविंग लाइसेंस हरिद्वार एआरटीओ ने तीन माह के लिए निरस्त किया है। एक बार लाइसेंस निरस्त होने के बाद सुप्रीम की रुलिंग के तहत उसे समय से पहले बहाल नहीं किया जा सकता है। -वीके सिंह, एआरटीओ टनकपुर।